मेरठ से 24 किमी की दूरी पर स्थित सरधना का विश्वप्रसिद्ध गिरजाघर, जहां बेनजीर खूबसूरती की मलिका बेगम समरू की रूह बसती है। यह गिरजाघर कारीगरी का अदभुत नमूना तो है ही साथ ही अपने भीतर संजोए है एक ऐसी दिलेर महिला की कहानी जो तवायफ से प्रेमिका बनी, पत्नी बनी और फिर विधवा हुई तो एक सल्तनत की जागीरदार बन गई।
यहां तक कि अपनी जीवन के अंतिम दिनों में अपना मजहब बदलकर ईसाई बन गई। यही नहीं, उनकी बहादुरी के किस्से आज भी दोहराए जाते हैं। 48 साल तक सरधना सल्तनत पर अपनी हुकूमत चलाने वाली बेगम समरु की दिलचस्प कहानी आइए जानते हैं: -