अवनि की मौत के बाद उनका परिवार और गोल्डन टावर सोसाइटी में शोक का माहौल है। जहां पूरा परिवार दिनभर रोता बिलखता रहा वहीं, गोल्डन टावर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि एक महीने तक सोसाइटी में कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। 26 जनवरी को ध्वजारोहण तो जरूर किया जाएगा लेकिन लड्डू नहीं बांटे जाएंगे और वसंत पंचमी पर डीजे और म्यूजिक नहीं बजेगा।
अवनि का अंतिम संस्कार करने के बाद पूरा परिवार खरखौदा में रह रहा है। सात्वंना देने के लिए उनके घर पड़ोसी, सोसाइटी के लोग और रिश्तेदार आ रहे हैं। सभी से अवनि के पिता रोहित अग्रवाल कह रहे हैं कि मैंने तो कभी अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए कोई रोक-टोक नहीं की। जो भी मांगा वह दिया। कभी अवनि को परेशान नहीं देखा। उसको कहा जो भी चाहिए बेटा बता देना, ऐसा कदम अवनि उठा लेगी, यह पूरे परिवार को उम्मीद नहीं थी। बेटे की तरह अपनी बेटी को प्यार और सम्मान दिया, इसके बावजूद उसने पढ़ाई के दबाव में ऐसा कदम उठाया है, यह मलाल उनको जिंदगी भर रहेगा। वहीं मां आकांक्षा का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी के जाने के बाद पूरा परिवार गमगीन माहौल में है।