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अवनि आत्महत्या मामला: शोक में डूबी कॉलोनी, एक माह तक नहीं होगा कोई आयोजन, वसंत पंचमी पर नहीं बजेगा डीजे

Wed, 11 Jan 2023 12:48 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ सुसाइड केस। - फोटो : amar ujala
अवनि की मौत के बाद उनका परिवार और गोल्डन टावर सोसाइटी में शोक का माहौल है। जहां पूरा परिवार दिनभर रोता बिलखता रहा वहीं, गोल्डन टावर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि एक महीने तक सोसाइटी में कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। 26 जनवरी को ध्वजारोहण तो जरूर किया जाएगा लेकिन लड्डू नहीं बांटे जाएंगे और वसंत पंचमी पर  डीजे और म्यूजिक नहीं बजेगा। 

 अवनि का अंतिम संस्कार करने के बाद पूरा परिवार खरखौदा में रह रहा है। सात्वंना देने के लिए उनके घर पड़ोसी,  सोसाइटी के लोग और रिश्तेदार आ रहे हैं। सभी से अवनि के पिता रोहित अग्रवाल कह रहे हैं कि मैंने तो कभी अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए कोई रोक-टोक नहीं की। जो भी मांगा वह दिया। कभी अवनि को परेशान नहीं देखा। उसको कहा जो भी चाहिए बेटा बता देना, ऐसा कदम अवनि उठा लेगी, यह पूरे परिवार को उम्मीद नहीं थी। बेटे की तरह अपनी बेटी को प्यार और सम्मान दिया, इसके बावजूद उसने पढ़ाई के दबाव में ऐसा कदम उठाया है, यह मलाल उनको जिंदगी भर रहेगा। वहीं मां आकांक्षा का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी के जाने के बाद पूरा परिवार गमगीन माहौल में है। 
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छात्रा की आत्महत्या का मामला। - फोटो : amar ujala
अवनि तूने यह क्या किया, मैं तो अमेरिका भेजना चाहता था
अवनि को घर में प्यार से लक्की भी कहा जाता था। आसपास के लोग और रिश्तेदार लक्की के नाम से संबोधन करते थे। अवनि के पिता ने बताया कि मैं अपनी बेटी को अमेरिका तक भेजने की बात कह चुका था हालांकि उसने मुझसे कई बार कहा कि पापा अमेरिका में जाऊंगी तो खर्चा बहुत होगा, मैं दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर लूंगी। ऐसा दिन भी देखना पड़ेगा, इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी।
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मेरठ आत्महत्या मामला। - फोटो : amar ujala
सोसाइटी परिवार के साथ
सोसाइटी के अध्यक्ष सुनील गुप्ता, सचिव डॉ. डीके जैन, कोषाध्यक्ष एसके वर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश अग्रवाल ने निर्णय लिया है कि यह हादसा बड़ा हुआ है। ऐसे में पीड़ित परिवार के साथ पूरी सोसाइटी के लोग खड़े है। एक महीने तक कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा। 

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छात्रा की आत्महत्या का मामला। - फोटो : amar ujala
नए साल पर परिवार ने मनाया था जश्न
पूरे परिवार ने सोसाइटी के साथ नए साल का जश्न मनाया था। शायद अवनि के मां-बाप को अवनि के तनाव में होने का पता नहीं था। अपनी सोसाइटी में भी सब की लाडली थी अवनि। 
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छात्रा की आत्महत्या का मामला। - फोटो : amar ujala
बीटेक करने के बाद देश की सेवा करना चाहती थी अवनि
भले ही पहले अवनि इंटर पास करने के बाद बीटेक की पढ़ाई करती लेकिन वह जेईई मेंस की भी तैयारी कर रही थी। उनका सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करने का भी था। पिता से कहती थी मैं एक दिन आईएएस जरूर बनूंगी। आपको मुझ पर नाज होगा। यह मेरा सपना है।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
दसवीं पास करने के बाद सीख ली थी कार
अवनि ने दसवीं पास करने के बाद ही कार चलानी सीख ली थी। वह अपनी मां आकांक्षा को लेकर बाजार में खुद कार चलाकर जाती थी। खरखौदा भी  खुद ही कार चलाकर जाती थी। पिता ने बताया कि बेटी को ड्राइविंग पर पूरा आत्मविश्वास था। जब पहली बार कार लेकर गांव गई थी तो लोग भी चौंक गए थे।
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छात्रा अवनी - फोटो : अमर उजाला
आज होगी उठावनी, तेरहवीं 20 को
अवनि का अंतिम संस्कार करने के बाद अब उसकी आत्मा की शांति के लिए यज्ञ भी कराया जाएगा। अवनि की उठावनी की रस्म आज खरखौदा गांव में होगी जबकि रस्म तेरहवीं 20 जनवरी को रखी गई है। 
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