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ट्रक चालक से 300 करोड़ तक का सफर: बिजनेसमैन नहीं गो-तस्कर था अकबर बंजारा, समुद्र के रास्ते होती थी तस्करी, खौफनाक है पूरी कहानी

Wed, 20 Apr 2022 06:24 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मुठभेड़ में अकबर बंजारा और सलमान ढेर। - फोटो : amar ujala
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अकबर बंजारा ने यूपी से असम, मिजोरम, मेघायल से होते हुए समुद्र के रास्ते बांग्लादेश तक गो-तस्करी कर 300 करोड़ से ज्यादा की अकूत संपत्ति अर्जित कर ली थी। ट्रक चलाने वाले अकबर बंजारा का नेटवर्क बढ़ता ही जा रहा था। वहीं अकबर बंजारा के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद मेरठ पुलिस उसकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाएगी। 

50 साल पहले फलावदा में आकर बसा था अकबर का परिवार
पुलिस के अनुसार गो-तस्कर अकबर बंजारा का पिता पीरू बंजारा करीब 50 साल पहले फलावदा में आकर बसा था। पीरू पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करता था। अकबर भी पिता के साथ इसी काम में लग गया। वहीं बाद में अकबर ट्रक चलाने लगा और उसने पंजाब, हरियाणा, असम समेत कई राज्यों में पशु व्यापारियों से संबंध बना लिए। वर्ष 2015 में अकबर बंजारा की दोस्ती असम में गो-तस्कर पीपी रेड्डी से हो गई। इसके बाद अकबर ने कई राज्यों में गो-तस्करी शुरू कर दी। बंजारा ने रोजाना करीब 150-200 गोमांस से लदे ट्रक दूसरे राज्यों में भेजने शुरू कर दिए।
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
असम में अकबर के खिलाफ 12 मुकदमे
गो-तस्कर अकबर बंजारा के खिलाफ असम में 12 मुकदमे दर्ज है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अकबर बंजारा पूरा नेटवर्क फोन पर ही चलाता था। असम पुलिस दो साल से उसकी तलाश में जुटी थी और दो लाख का इनाम भी घोषित किया था। तमाम प्रयासों के बावजूद भी असम पुलिस उसको गिरफ्तार करने में नाकाम रही। अब मेरठ पुलिस ने रंगदारी के मामले में उसको गिरफ्तार किया तो असम पुलिस ने अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान को बी-वारंट पर ले लिया था।
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
अकबर की गिरफ्तारी पर असम पुलिस ने मेरठ पुलिस को दिया था इनाम
गो-तस्कर अकबर बंजारा की गिरफ्तारी के बाद असम पुलिस ने मेरठ पुलिस को इनाम की दो लाख रुपये की राशि दी थी। मेरठ पुलिस अकबर पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर उसकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी कर रही थी।

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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
हैरत की बात यह है कि देश के कई राज्यों में गो-तस्करी करने वाले अकबर बंजारा की मेरठ में कोई हिस्ट्रीशीट नहीं है। असम में एनकाउंटर से पहले मेरठ में अकबर की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस ने उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। इसी के बाद उस पर दो मुकदमे यहां दर्ज किए गए। पुलिस ने अकबर की दो कारें सीज कर दी थीं।
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
बिजनौर में 23 करोड़ की जमीन, शास्त्रीनगर में आलीशान कोठी 
फलावदा में अकबर बंजारा की गुंडागर्दी चलती थी, इसकी जानकारी होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार करने से बचती थी। दो साल पहले बिजनौर के पास बंजारा ने 23 करोड़ की जमीन खरीदी थी। पुलिस ने बंजारा की संपत्ति की जानकारी जुटाई है। इसके बाद उसकी संपत्ति को गैंगस्टर के तहत जब्त करने की तैयारी भी पुलिस ने शुरू कर दी। वहीं लिसाड़ीगेट में बंजारा का 20 से ज्यादा दुकानों का एक मार्केट भी बताया गया है। इसके अलावा शास्त्रीनगर सेक्टर-10 में एक आलीशान कोठी है। इसकी कीमत तीन करोड़ बताई जा रही है। इन सभी संपत्तियों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। इन संपत्तियों का जब्तीकरण या ध्वस्तीकरण किया जा सकता है।
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मेरठ पुलिस। - फोटो : amar ujala
खाकी-खादी के संरक्षण में चला अकबर का गो-तस्करी का धंधा 
खाकी और खादी की सरपरस्ती में अकबर बंजारा का गो-स्तकरी का धंधा दूसरे राज्यों में फलता-फूलता रहा। असम की पुलिस उसको ढूंढती रही और मेरठ पुलिस बचाती रही। करीब दो साल से यह खेल चल रहा था। मामले की जानकारी लगने पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने फलावदा पुलिस को लगाया और घेराबंदी कराकर अकबर बंजारा व उसके दो भाई सलमान, शमीम को गिरफ्तार कराया। गिरफ्तारी के दौरान बंजारा ने खाकी-खादी के खेल की यह बात मेरठ पुलिस को बताई। 
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गो-तस्कर अकबर बंजारा। - फोटो : amar ujala
अकबर बंजारा बहुत शातिर था। वह गोकशी लगातार करा रहा था। इसके बावजूद फलावदा में उसके खिलाफ पुराना कोई मुकदमा दर्ज नहीं था। स्थानीय स्तर पर बंजारा की जबरदस्त सांठगांठ थी। फलावदा में रहकर वह दूसरे राज्यों में भी गो-तस्करी का धंधा चलाता रहा और अकूत संपत्ति अर्जित करता गया। इस संपत्ति का हिस्सा खाकी-खादी को भी जाना बताया गया है। जिसके चलते कभी उसे कोई टोकता नहीं था। संरक्षण देने में एक बड़े नेता का नाम भी शामिल है, जिसने बंजारा से कई करोड़ रुपये लिए थे। गोमांस से लदी गाड़ियों को रोकने पर ये नेता ही पुलिस को फोन करते थे। 

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मुठभेड़ में बदमाश ढेर। - फोटो : amar ujala
असम में मुठभेड़ में ढेर हुए गो-तस्कर अकबर बंजारा और सलमान
असम के कोकराझार में मेरठ के दो लाख के इनामी गो-तस्कर भाइयों अकबर बंजारा और सलमान को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों को मेरठ पुलिस ने एक सप्ताह पहले गिरफ्तार किया था। असम पुलिस 14 अप्रैल को दोनों को वारंट पर अपने साथ ले गई थी।
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मुठभेड़ में बदमाश घायल। - फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात 1:30 बजे हुई। पुलिस टीम दोनों गो-तस्करों को तस्करी का रूट समझने के लिए जोमदुआर ला रही थी, तभी घात लगाकर उग्रवादियों ने हमला बोल दिया। उसके बाद 10 से 12 मिनट तक दोनों ओर से चली गोलीबारी में गो-तस्करों को गोली लगी। दोनों को दूसरे वाहन से सरायबील स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक एके-47, दो मैगजीन, 35 चक्र कारतूस और 28 खोखे मिले हैं।
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