दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में रविवार सुबह लगी भीषण आग ने 43 जिंदगियों को एक ही झटके में खत्म कर डाला। आसपास के राज्यों से आकर मजदूरी करने वाले लोगों की मौत के बाद परिवारों में चूल्हे तक नहीं जले। क्योंकि उनके अपने तो इस भीषण आग में राख हो गए। जो निकल सका वो बच गया अन्यथा जो जहां था, वहीं निढाल होकर अकाल मौत के मुंह में समा गया।
हर तरफ आग की लपटें, धुआं और अंधेरा था। कोई करता भी तो क्या, सांस लेना तक मुश्किल था। कई ऐसे भी थे कि उन्हें अपनी मौत सामने दिख रही थी। इन्हीं में बिजनौर निवासी मुशर्रफ भी था। आग की लपटों में घिरे मुशर्रफ ने अंतिम घड़ी में अपने जिगरी दोस्त को फोन कर चंद सेकेंड्स में आने वाली मौत और इस खौफनाक हादसे की जानकारी दी। जिसके बाद वह फूट-फूटकर रो पड़ा। आगे जानें कैसे दो लाचार दोस्त सब कुछ जानते हुए भी कुछ कर पाने में असमर्थ थे : -