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कुछ कहती हैं तस्वीरें: फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो देखें अमर उजाला के कैमरे में कैद हुए ये खास नजारे

Mon, 02 Dec 2019 12:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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photography - फोटो : अमर उजाला
एक तस्वीर हजार शब्दों के समान होती है। और हर तस्वीर के पीछे छिपी होती है कोई कहानी, कोई किस्सा। समय माहौल, रंग, भाव हर अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करती हैं तस्वीरें ! इस सप्ताह हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी ही खास तस्वीरें, जो अपने आप में शानदार फोटोग्राफी का प्रमाण हैं। 

पहली तस्वीर को देखकर आपके दिल में सुबह के वो सारे नजारे ताजा हो जाएंगे जो सूरज के निकलने के साथ साथ ओझल होने लगते हैं। उन्हीं में से एक हैं ओंस की बूंदें, जो धूप के साथ-साथ गायब होने लगती हैं। वहीं मकड़ी के जाले पर अटकीं ये ओंस की बूंदें मोतियों से कम नहीं लग रही हैं। ये तस्वीर अमर उजाला के छायाकार सुनील कैथवास ने अपने कैमरे में कैद की।
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photography - फोटो : अमर उजाला
ये तस्वीर हमें मिली है हस्तिनापुर से। गंगा स्नान मेले के दौरान गंगा नदी के किनारे पर तंबुओं का एक अस्थाई नगर बस जाता है। ऐसा ही एक नजारा अमर उजाला के कैमरे में कैद हुआ। 

ये भी पढ़ें: दिन को सुहाना, दिल को कर देंगी खुशगवार, इन तस्वीरों को देखकर आप भी कह उठेंगे 'शानदार'
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photography - फोटो : अमर उजाला
खुले आसमान के नीचे कभी लेटे लेटे पक्षियों का कोई झुंड उपर से गुजरता है तो मन प्रफुल्लित हो उठता है। यह तस्वीर आई है हस्तिनापुर से, जहां इन दिनों साइबेरियन और प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगा हुआ है। यदि आप भी बर्ड फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो यह समय हस्तिनापुर जाने के लिए सबसे ठीक है।

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हस्तिनापुर सेंचुरी - फोटो : अमर उजाला
ये तस्वीर हस्तिनापुर के पक्षी विहार की है, जहां सर्दियों के आहट के साथ ही दूर देश से रंग-बिरंगे विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है। एक तरफ जहां ये पक्षी गंगा के जल में अठखेलियां करते नजर आते हैं वहीं आसपास का आकाश इन साइबेरियन पक्षियों की उड़ान से पट जाता है। 
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photography - फोटो : अमर उजाला
घुड़सवारी जितना रोमांचकारी खेल है उतना ही मुश्किल भी है। घोड़े के साथ साथ घुड़सवार को भी चुस्त, फुर्तीला और चौकन्ना रहना होता है। ये तस्वीर हमें मिली है आरवीसी सेंटर मेरठ से, जहां घोड़ों को घुड़सवारी और खेलों के लिए तैयार किया जाता है।
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photography - फोटो : अमर उजाला
घुड़सवार की यह तस्वीर हमारे छायाकार ने आरवीसी सेंटर मेरठ में ली है। सुबह के हल्के कुहासे के बीच घोड़ों को दी जाती है कड़ी ट्रेनिंग जिसके बल पर ही वह देश विदेश में अपनी ताकत का लोहा मनवाते हैं।
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photography - फोटो : अमर उजाला
इन झूलों को देखकर आपको अपना बचपन जरूर याद आ जाएगा। बच्चे मेले में जाएं और बड़े झूले में बैठने की जिद न करें ऐसा मुश्किल है। ऐसी ही भावों को व्यक्त करती ये तस्वीर भी हमें मिली है हस्तिनापुर से, जहां गंगा स्नान के दौरान मेले में झूलों की व्यवस्था की गई थी।
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