मौके पर जांच करती पुलिस
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शामली जिले के गांव खानपुर निवासी दुष्यंत जावला का 23 वर्षीय पुत्र प्रियांग जावला वर्ष 2013 में पुलिस में भर्ती हुआ था। एक साल पहले वह बदायूं से बिजनौर तबादले पर आया था। बिजनौर की साकेत कॉलोनी में धर्मवीर के मकान में किराए पर रहता था। बिजनौर में तैनात एक पुलिसकर्मी से प्रियांग का रिश्ता हुआ था। नवंबर में उसकी शादी होनी थी। प्रियांग ने अपने दोस्तों से होने वाली पत्नी के बारे में बातें शेयर की तो दोस्तों ने उससे कह दिया कि जितना सुंदर प्रियांग है उतनी सुंदर उसकी होने वाली पत्नी नहीं है। इस बात से प्रियांग क्षुब्ध हो गया। इसके बाद उसने फांसी लगाकर खुदखुशी कर ली।