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नरगिस से निक्की बनी प्रेमिकाः हिंदू लड़के से की लव मैरिज, मंदिर में लिए सात फेरे, इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती

Wed, 01 Mar 2023 02:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
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मंदिर में लिए सात फेरे - फोटो : अमर उजाला
प्रेम न देखे जाति-पात, प्रेम न देखे ऊंच नीच, वह तो देखे केवल मन......यह पंक्तियां मैनपुरी के प्रेमी जोड़े के लिए फिट बैठ रही हैं। यहां बुधवार को प्रेमिका सभी बंधन से मुक्त होकर हमेशा के लिए प्रेमी की हो जाने को पहुंची। लड़के हिंदू और लड़की मुस्लिम होने की वजह से समाज ने कुछ असहता दिखाई। लेकिन वह तो पहले ही साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। उन्हें भला कहां समाज की यह असहजता पीछे धकेल सकती थी। दोनों ने एक मंदिर में सात फेरे लिए और विवाह के बंधन में बंध गए।

मामला उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का है। कुछ दिन पहले बाईपास रोड निवासी आलोक कठेरिया की दोस्ती इंस्टाग्राम पर नरगिस से हुई। पहलो तो दोनों ऑनलाइन मिले। एक-दूसरे की पोस्ट को लाइक करते और कमेंट करते। धीरे-धीरे बात बढ़ी और पोस्ट के कमेंट से निकलकर मैसेज बॉक्स तक आ गई। बात हाय, हेलो से शुरू हुई और हाल चाल तक पहुंची। 

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साथ जीने मरने की कसमें खाईं

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प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में की शादी - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद धीरे-धीरे बातें बढ़ने लगीं और यह सिलसिला ऑनलाइन से निकलकर ऑफलाइन तक आ गया। दोनों ने एक दूसरे को अपना मोबाइल नंबर साझा किया और फोन कॉल पर बात करने लगे। उनकी यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई। शायद उन्हें खुद भी नहीं पता चला। इसके बाद उन्होंने साथ जीने मरने की कसमें खाईं।
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अपना शहर छोड़कर प्रेमी के पास आ गई

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आगरा से मैनपुरी पहुंची प्रेमिका - फोटो : अमर उजाला
नरगिस को बातचीत के दौरान पता था कि आलोक हिंदू लड़का है। वह इसके शहर का भी नहीं है। दरअसल, नरगिस आगरा की रहने वाली है और आलोक मैनपुरी का। नरगिस ने आलोक के साथ जिंदगी बिताने का निर्णय लिया। एक दिन वह हिम्मत करके अपना शहर छोड़कर आलोक के पास आ गई।

पिता मानसिक रूप से प्रताड़ित करते

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हिंदू रिवाज से की शादी, भरी मांग - फोटो : अमर उजाला
नरगिस ने बताया कि यह बात उनके पिता को पता चली तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद दबाव बनाकर वापस अपने साथ ले गए। इसके बाद उनका बर्ताव बहुत बदल गया। वह उसे पीटते थे। ताना मारते और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते। इससे परेशान होकर उसने फिर से आलोक के पास जाने का मन बनाया।
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नाम और धर्म भी हमेशा के लिए त्याग दिया

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अग्नि को साक्षी मानकर लिए सात फेरे - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को वह दृढ़ संकल्पित होकर घर से निकली और मैनपुरी पहुंच गई। यहां आलोक उसका इंतजार कर रहा था। दोनों प्रसिद्ध माता शीतला देवी मंदिर पहुंचे और यहां सात फेरे लिए। इसके बाद आलोक ने नरगिस की मांग में सिंदूर भरा। जीवन की इस नई शुरुआत के साथ नरगिस ने अपना नाम और धर्म भी हमेशा के लिए त्याग दिया। अब वह 'निक्की' बन गई।  

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