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बिकरू कांड: पीएम रिपोर्ट में भी प्रभात की उम्र 20 वर्ष, बिना सत्यापन के दाखिला देने वाले स्कूल भी जांच के घेरे में

Fri, 24 Jul 2020 03:15 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रभात की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में मारा गया प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसकी उम्र 20 वर्ष दर्ज है। दस्तावेज मिलने के बाद पीएम रिपोर्ट पर मुहर लग गई है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही पुलिस ने प्रभात के दस्तावेज खंगालने शुरू किए थे। उधर वो स्कूल भी जांच के दायरे में आ गए हैं जिन्होंने दस्तावेजों का सत्यापन किए बगैर प्रभात को दाखिला दिया था।
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प्रभात एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
नौ जुलाई की सुबह पनकी क्षेत्र में प्रभात मुठभेड़ में मारा गया था। कानपुर में उसका पोस्टमार्टम हुआ था। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने उसकी उम्र 20 वर्ष लिखी थी। मगर दो दिन बाद उसके परिजनों ने प्रभात की मार्कशीट और आधार कार्ड वायरल कर दिया था।

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
दावा किया था कि प्रभात नाबालिग था। उसके एनकाउंटर में न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। पुलिस को पीएम रिपोर्ट के बाद शक हो गया था कि जन्मतिथि में हेरफेर किया गया है। तब पुलिस ने छानबीन शुरू की थी जिसमें ये तथ्य मिला।

 

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कानपुर एनकाउंटर में पूरा चौबेपुर थाना शक के घेरे में - फोटो : amar ujala
नाम भी बदला
सीओ बिल्हौर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रभात केकई दस्तावेजों में नाम अलग-अलग है। किसी में प्रभात, तो किसी में कार्तिकेय तो वहीं प्राइमरी स्कूल के दस्तावेजों में शानू लिखा हुआ है। इन सभी दस्तावेजों में उसके माता-पिता का नाम एक है और सभी में पता एक यानी बिकरू गांव है।

 
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : अमर उजासा
आखिर सत्यापन क्यों नहीं किया
एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक प्रभात ने पारितोष इंटर कॉलेज नौबस्ता से नवीं की पढ़ाई की थी। उसने दाखिले के वक्त आजाद मेमोरियल इंटर कॉलेज शिवराजपुर की टीसी लगाई। स्कूल प्रबंधन ने इसी के आधार पर उसका दाखिला ले लिया। जो उसमें जन्मतिथि दर्ज थी, वही लिख ली। अब जब पुलिस की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो स्कूल प्रबंधन भी सवालों के घेरे में आ गया है। सवाल है कि पारितोष इंटर कॉलेज प्रबंधन ने उसके दस्तावेजों का सत्यापन क्यों नहीं किया था।
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