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बिकरू कांड: बसपा नेता के रेस्टोरेंट के पीछे हुई थी असलहों की टेस्टिंग, पढ़ें हथियारों की सौदेबाजी की कहानी

Wed, 03 Mar 2021 11:29 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे और उसके गैंग के जिन असलहों की खरीद फरोख्त की गई है, उसमें बसपा नेता सत्यवीर सिंह यादव की मुख्य भूमिका रही है। असलहे उसके रिश्तेदारों और गुर्गों ने ही लिए हैं। इटावा-भिंड रोड पर स्थित उसके रेस्टोरेंट दावत के पीछे ही असलहों की टेस्टिंग की गई थी। सेमी आटोमेटिक राइफल व अन्य असलहों से फायर किए गए थे।
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
दीवार पर निशान भी मौजूद हैं। इन्हीं सभी वजहों के चलते एसटीएफ ने सत्यवीर को भी आरोपी बनाया है। हालांकि बेची गई दीपक दुबे की सेमी आटोमेटिक राइफल अभी नहीं बरामद हो सकी है। झींझक निवासी संजय परिहार के जरिये दहशतगर्द के मददगारों ने असलहों की सौदेबाजी की।
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विकास दुबे का एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के मुताबिक संजय ने इस संबंध में भिंड देहात (मध्य प्रदेश) निवासी सत्यवीर सिंह से मुलाकात की। सत्यवीर देहात भिंड विधानसभा सीट से तीन बार विधायक का चुनाव लड़ चुका है। इसी की मदद से तीन लाख रुपये में दीपक दुबे की सेमी आटोमेटिक राइफल व अन्य असलहे बेचे गए।

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
उसने सीधे कोई असलहा खुद न खरीदकर अपने परिचितों को दिलाएं। अब दोबारा असलहों की डील हो रही थी। इस बार दाम कम करने की बात हो रही थी। इसी सिलसिले में सत्यवीर का रिश्तेदार मनीष यादव कानपुर आया।
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : amar ujala
पनकी में शिव तिवारी की सेमी आटोमेटिक राइफल का एक लाख 70 हजार और डबल बैरल बंदूक का सौदा 30 हजार रुपये में हुआ। तभी एसटीएफ ने सभी को दबोच लिया। यही दो लाख की रकम एसटीएफ ने बरामद की है। 
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