सजेती कांड में दुष्कर्म के आरोपियों ने दबाव और धमकी का खेल खेला। आरोपी के पिता के दरोगा होने की वजह से खाकी ने भी खूब साथ दिया। प्रयास था कि सब रफादफा हो जाए। जब नहीं हुआ तो पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। धमकी देने के दस घंटे के भीतर ही पीड़िता के पिता की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई।
विज्ञापन
2 of 5
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए पीड़ित परिजनों ने इन सभी को सीधेतौर पर हत्या के केस में आरोपी बनाया है। आरोप है कि पुलिस भी केस लिखकर मामले में न उलझने की पीड़ित परिवार को सलाह दे रही थी। मृतक के भाई ने बताया कि मंगलवार शाम को उसने सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई जिसकी जानकारी मुख्य आरोपी दीपू यादव और उसके दरोगा पिता देवेंद्र को हो गई।
विज्ञापन
3 of 5
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने केस वापस लेने का दबाव बनाया। इंकार किया तो आरोप है कि उन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। चौकी इंचार्ज पर केस में आरोपियों का पक्ष लेने और पीड़ित पर दबाव बनाने के साथ वारदात की साजिश में शामिल होने का आरोप है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि एफआईआर में भी धमकी देने का तथ्य शामिल है। जांच जारी है।
4 of 5
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
घर से निकलते वक्त भी दी थी धमकी
सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर में धमकी देने का आरोप है। पीड़ित पक्ष कहना है कि जब वो केस दर्ज कराने के लिए घर से निकले थे तो गांव में ही मुख्य आरोपी दीपू के सगे भाई सौरभ यादव ने कहा था कि अगर केस दर्ज कराया तो जान से मार देंगे। सवाल है कि आखिर पुलिस ने तेजी क्यों नहीं दिखाई। धमकी देने वाले सौरभ की गिरफ्तारी क्यों नहीं की। अभी तक सौरभ व दीपू पकड़ से दूर हैं।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
मदद का आश्वासन
पीड़ित परिवार को प्रशासन ने दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच बीघा पट्टे की जमीन देने की बात कही है। डीएम ने खुद परिवार को आश्वासन दिया है।