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UP Weather Update: तीन साल में पहली बार सबसे गर्म रहा अक्तूबर, मौसम विभाग ने दी ये जानकारी

Tue, 01 Nov 2022 10:42 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर का मौसम - फोटो : अमर उजाला
इस बार का अक्तूबर महीना पिछले तीन वर्षों में सबसे ज्यादा गर्म रहा है। 2020 और 2021 की अपेक्षा इस वर्ष का न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस बढ़ा रहा। मौसम विभाग के अनुसार जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई है। आमतौर पर 25 अक्तूबर के बाद से जाड़े का दिन शुरू हो जाता है लेकिन इस बार यह 6 नवंबर के बाद शुरू होने के बात कही जा रही है।

जो मार्च के आखिरी तक चलने की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार जलवायु परिवर्तन की वजह से पृथ्वी का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कानपुर के परिदृश्य में देखा जाए तो यहां पर हीटलैंड (भवन निर्माण से उठने वाली ऊर्जा) तेजी से बढ़ रहा है।
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यूपी का मौसम - फोटो : अमर उजाला
इस वजह से भी तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। जिसका असर लोगों के अलावा फसलों पर भी पड़ रहा है। तापमान बढ़ने की वजह से ही जाड़े का भी शेड्यूल बिगड़ रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
तीन वर्षों में न्यूनतम तापमान
2020- 13 डिग्री 
2021- 13.8 डिग्री
2022- 15.6 डिग्री

इस बार के तापमान में सबसे चौंकाने वाली स्थिति यह है कि पिछले वर्षों की अपेक्षा तापमान तो अधिक है ही, पारे में उतार-चढ़ाव भी हो रहा है। इसमें स्थिरता नहीं होने की वजह से दिक्कत आ रही है। ऐसा तापमान फसलों और लोगों के लिए भी ठीक नहीं माना जाता है।- डॉ. एसएन पांडेय, मौसम विशेषज्ञ

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टंकी के पानी में नहाते बेजुबान - फोटो : अमर उजाला
फसलों को अंकुरित होने में दिक्कत
इस समय राई और आलू की बुआई हो रही है। इसके पौधों को निकलने के लिए रात में नमी की आवश्यकता होती है। जो अभी काम चलाऊ है। यदि ऐसे ही दिक्कत कुछ दिन तक और बनी रही तो कुछ दिनों में की जाने वाली गेहूं की बुआई पर असर पड़ेगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहे तापमान से रात के समय शीत पड़ने की मात्रा में भी कमी आ जाती है, जिससे फसलों को अंकुरित होने में दिक्कत आती है।
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