कानपुर में डीएवी के शताब्दी समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी छाए रहे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर जिसने भी शताब्दी समारोह का मंच शेयर किया, वो अटल जी की स्मृतियों से अछूता नहीं रह पाया। इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
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इस दौरान समय की धुंध को हटाकर स्वाधीनता संग्राम के रणबांकुरों की स्मृति भी निकल आई। कॉलेज की इस परंपरा को पुलवामा में शहीद हुए प्रदीप सिंह यादव से जोड़ा गया। कोविंद ने कहा कि मेरे समय विधि की पढ़ाई यहीं हुआ करती थी। ‘अच्छा समय रहा है जल्दी बीत गया।’
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कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संबोधन में जब अपने छात्र जीवन के कॉलेज की स्मृतियों को याद किया तो कॉलेज के शैक्षणिक माहौल की विशेषताओं को अटल जी के जिक्र के साथ बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के संस्कारित माहौल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अटल जी यहां पढ़े और उनके पिता सहपाठी रहे। साथ ही चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुरेंद्र नाथ पांडेय जैसे स्वाधीनता संग्राम के रणबांकुरे यहां से संबंधित हैं।
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इसके साथ ही कानपुर का नाम रोशन के लिए राष्ट्रपति ने विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षक आत्माराम और साहित्य के लिए गोपाल दास नीरज का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने भाषण की शुरुआत अटल जी के जिक्र से की और कहा कि वह इस संस्थान के छात्र रहे हैं।
तभी यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक गतिविधियों के लिए संस्थान के साथ कुछ कार्यक्रम बनाए हैं। समारोह में मंच पर शुरुआत से लेकर अंत तक वक्ताओं की अभिव्यक्ति की धुरी पर अटल जी की स्मृतियां रहीं।