राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को जब अपने शहर आए तो छात्र जीवन की यादों में खो गए। इस दौरान उन्होंने अपने गुरु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। अपने शिष्य के हाथों सम्मान पाकर किदवई नगर में रहने वाले 85 वर्षीय त्रिलोकी नाथ टंडन बेहद गर्व महसूस कर रहे थे। सम्मानित होने के बाद उन्होंने मीडिया से बताया कि कोविंद ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया और मुझसे बोले कि आप सौ साल जिएं... मैंने भी कोविंद को बोला कि सौ साल के लिए तो मैं पहले से ही तैयार हूं। टंडन ने राष्ट्रपति से देश को बेहतर दिशा में आगे ले जाने को कहा।
आगे की स्लाइड मेंः गुरु जी भूले तो नहीं हैं न मुझे
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राष्ट्रपति ने अपने शिक्षक के पैर छुए
- फोटो : अमर उजाला
100 वर्ष पूरे कर चुके अंग्रेजी के शिक्षक प्यारेलाल को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति मंच से नीचे उतरकर पहुंचे। प्यारेलाल के साथ उनकी बहू भी थीं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने आते ही प्यारेलाल के पैर छुए और पूछा कि गुरु जी... आप मुझे भूले तो नहीं हैं।
आगे की स्लाइड मेंः किसी तरह की परेशानी हो तो मुझे बताइएगा
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इस पर प्यारेलाल ने कोविंद की पीठ पर हाथ रखा और आशीर्वाद दिया। प्यारेलाल ने बेहद धीमी आवाज में कहा कि आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वो (राष्ट्रपति) बच्चा था। इसके आगे वह बोल नहीं पा रहे थे। राष्ट्रपति ने प्यारेलाल की बहू से उनका ख्याल रखने को कहा। कहा किसी तरह की परेशानी हो तो मुझे बताइएगा।
आगे की स्लाइड मेंः क्लास टीचर था मैं, भाग्यशाली हूं
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राष्ट्रपति कोविंद को एकाउंट्स पढ़ाने वाले हरीराम कपूर सम्मान पाने के बाद बेहद खुश दिखे। मीडिया से बातचीत में बोले, मैं उसका (राष्ट्रपति कोविंद) का क्लास टीचर था। उस समय अध्यापक और छात्र का संबंध काफी मधुर हुआ करता था। राष्ट्रपति कोविंद को मैंने आशीर्वाद दिया है कि तुम अच्छे से देश संभालो। बतौर शिक्षक उन्हें कई बार सम्मानित किया गया लेकिन इतना सम्मान कभी नहीं मिला। भाग्यशाली हूं।
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उन्होंने इसके लिए आयोजकों को भी धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, वीरेंद्र जीत सिंह, आदित्य शंकर वाजपेयी, रमाकांत मिश्र, भगवत प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र कक्कड़, श्याम अरोड़ा, डॉ. अंगद सिंह, नंदिता सिंह, एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह, नीतू सिंह, डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. जीएन गुप्ता, आगरा विवि के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित, डॉ. श्याम बाबू गुप्ता, डॉ. दिलीप सरदेसाई, डॉ. दिवाकर मिश्रा आदि मौजूद रहे।