उन्नाव में लापता युवती की मां की ओर से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी महीनों अनसुनी और आरोपी पर कार्रवाई में हीलाहवाली बरतने पर एसपी ने कोतवाली प्रभारी को निलंबित कर दिया है। मालूम हो कि कांशीराम कालोनी निवासी पूजा गौतम 8 दिसंबर 2021 को लापता हुई थी। उसकी मां रीता ने रजोल पर अपहरण का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करने के बजाए गुमशुदगी दर्ज कर मामले को हल्के में निपटाने का प्रयास किया। गुरुवार शाम को जब पुलिस शव निकलवाने पहुंची तो मृतका की मां ने एसपी व एएसपी की मौजूदगी में सीओ और कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि जब बेटी लापता हुई थी तो पुलिस उसे लेकर यहां इस आश्रम भी आई थी। बार-बार कहती रही कि कमरा खुलवाकर देखा जाए लेकिन उसको एक नहीं सुनी गई। महीनों टरकाते रही। बार-बार जाती तो शिकायत करने के बाद 10 जनवरी को रजोल के खिलाफ अपहरण और दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसकी जांच सीओ सिटी कर रहे थे। आरोप लगाया कि पुलिस अगर पहले ही कार्रवाई करती और आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जाती तो मामला पहले ही खुल गया होता और उसे 24 जनवरी को लखनऊ में जाकर सपा कार्यालय के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री की फ्लीट के सामने आत्मदाह का प्रयास न करना पड़ता।
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Unnao girl murder case
- फोटो : अमर उजाला
एसपी दिनेश त्रिपाठा ने बताया कि घटना में लापरवाही सामने आने पर कोतवाली प्रभारी अखिलेश कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। बताया कि जांच की जाएगी, जिन जिम्मेदार पुलिस कर्मियों की लापरवाही या शिथिलता सामने आएगी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Unnao girl murder case
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एक्सपर्ट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की मांग
मृतका के पिता व भाई ने लखनऊ फॉरेंसिक लैब एक्सपर्ट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थानीय डाक्टरों पर दबाव बनाकर पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गड़बड़ी करा सकती है।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पिता मुकेश गौतम व छोटे भाई संजय ने कहा पुलिस शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने की बात कह रही है। लेकिन उन्होंने एसपी से मांग की है कि पोस्टमार्टम एफएसएएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) लखनऊ के विशेषज्ञों की मौजूदगी में कराया जाए।
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Unnao girl murder case
- फोटो : अमर उजाला
सपा से नजदीकी और सक्रिय राजनीति में रहा परिवार
युवती का हत्यारोपी रजोल सिंह उर्फ अरुण कुमार का परिवार सक्रिय राजनीति में रहा है। उसके पिता स्व. बहादुर सिंह सपा से जुड़े रहे। प्रसपा नेता शिवपाल सिंह यादव भी उनसे काफी लगाव रखते थे।
सपा सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया था। रजोल के बड़े भाई अशोक सिंह वर्ष 1995 और 2000 में सफीपुर के ब्लॉक प्रमुख रहे। इसके बाद 2015 से 2020 तक उसकी भाभी अशोक की पत्नी रमा सिंह सफीपुर को ब्लॉक प्रमुख रहीं।