उन्नाव जिले में एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और 23 यात्री घायल हुए हैं। हादसे में किसी ने अपना हाथ हमेशा के लिए खो दिया तो किसी का भेजा ही साफ हो गया। चारों ओर से बस बचाओ बचाओ की आवाजें आती रहीं। पुलिस और मौजूद लोग ढांढस बंधाते रहे।
बिहार के जहांगीरपुर निवासी रजनीश कुमार दिल्ली में मजदूरी करने के लिए जा रहा था। हादसे में उसने अपना दाहिना हाथ कंधे से और दाहिना पैर हमेशा के लिए खो दिया। वहीं बायां हाथ टूट गया। जिला अस्पताल में वह कराहता रहा। बार-बार यही कह रहा था कि अब उसके परिवार की देखभाल कैसे होगी। वह परिवार का इकलौता सहारा है। लोग उसे सांत्वना देते रहे और अंत में रेफर कर दिया गया। वहीं दिल्ली में घरों में काम कर परिवार चलाने वाली शबाना बेटी नगमा और बहू चांदनी के साथ बिहार से दिल्ली जा रही थी।
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उन्नाव हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पति की मौत हो चुकी है। तीनों दिल्ली में घरों में काम कर परिवार चलाती हैं। उनके साथ नौ माह की पोती सनाया भी थी। घटना में ईश्वर ने पोती को तो बचा लिया। बच्ची की मां चांदनी के सिर में गंभीर चोट आई है। शबाना और नगमा भी घायल हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
घायलों में पिता, पुत्र, और दो भाई भी शामिल
हादसे में बिहार शिवहर के हिरौता दुम्मा निवासी लालबाबू दास और उनका बेटा रामप्रवेश के साथ साहिल और उसका भाई दिलशाद भी घायल हुए हैं। यह सभी दिल्ली में काम करते हैं। लालबाबू ने बताया कि काफी समय से वह बिहार अपने घर नहीं गए थे। इसलिए बेटे के साथ घूमने आए थे।
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं मेरठ के मोदीपुरम नद प्रदेश निवासी साहिल ने बताया कि वह भाई के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। गांव में मकान बनवा रहा है। उसे देखने दोनों भाई गए थे। वही देखकर फिर काम पर लौटने के दौरान घटना हो गई।
नींद में थे यात्री, तेज आवाज और मंजर देख सहमे
एक्सप्रेस-वे पर जिस समय घटना हुई अधिकांश यात्री नींद में थे। बस में सफर कर रहे यात्रियों में बिहार के सद्दाम, बीटू, मो. शमीम, फूल मोहम्मद और संतोष ने बताया कि जिस समय घटना हुई वह सभी गहरी नींद में थे। उनके मुताबिक लखनऊ में बस रोककर चालक ने चाय भी पी थी। इसके बाद जब बस चली तो चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई थी। हम लोगों ने थोड़ा धीरे चलने के लिए भी कहा, लेकिन बाद में नींद आ गई। कुछ देर बाद अचानक से तेज आवाज आई। नींद खुली तो देखा बस के परखच्चे उड़ गए थे। यात्री सड़क पर व बस के नीचे बिखरे पड़े थे। यह सब देखकर हम सभी सहम गए।