उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह 4:30 बजे बिहार से दिल्ली जा रही स्लीपर बस टैंकर को बाएं तरफ से ओवरटेक करने के दौरान भिड़ गई, जिससे बस के दाहिने हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हादसे में दोनों वाहनों के चालक सहित 18 लोगों की मौत हो गई और 23 यात्री घायल हुए हैं।
यूपीडा की गश्ती टीम 25 मिनट बाद और एंबुलेंस 45 मिनट बाद पहुंची
घटनास्थल पर पहुंचने का कोई सीधा रास्ता न होने पर एंबुलेंस को पहुंचने में करीब 45 मिनट का समय लगा। इससे वह सड़क पर ही तड़पते रहे। यूपीडा की गश्ती टीम 25 मिनट बाद और रेस्क्यू टीम 30 मिनट बाद पहुंची।
सुबह करीब 4:30 बजे हुए इस हादसे में एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का घेरा भी टूटा नजर आया। हादसे के करीब 25 मिनट बाद गश्ती टीम पहुंची और उसकी सूचना पर करीब पांच मिनट बाद पहली रेस्क्यू टीम एंबुलेंस के साथ पहुंची, लेकिन घायलों की संख्या अधिक होने और कई लोगों के बस में फंसे होने से उन्हें निकालने में काफी समय लगा। घटनास्थल एंबुलेंस के पहुंचने का सीधा रास्ता न होने से हरदोई-उन्नाव मार्ग के टोल प्लाजा से 12 किलोमीटर चक्कर लगाकर पहुंचीं। इससे 45 मिनट का वक्त लगा।
विज्ञापन
2 of 5
उन्नाव हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में ये हुए हैं घायल
हादसे में घायल हुए बस यात्रियों में मेरठ के मोदीपुर निवासी दिलशाद (17), साहिल (15),दिल्ली के नबीकरीम की कुममामन (20), बिहार के मोतीहारी पिसारा के सलीम(20), दिल्ली फजलपुरा की शबाना (40), उसकी बेटी नगमा (20) और बहू चांदनी (21), बिहार शिवहर के मो. सद्दाम (32), बिहार के जहांगीरपुर के रजनीश कुमार (29), बिहार सीतामढ़ी के राजनिवास प्रसाद (42), बिहार हिरौता बाबूदास (54), हिरम्मा बिहार के रामप्रवेश (30), भारत भूषण कुमार (32), दिल्ली कमला मार्केट के मो. शकील (15), तौफीक (18), मुन्नी खातून (40), चांदनी चौक दिल्ली के उरसेद (45), शिवहर मनहरा की नीतू (20), बिहार पिपरा के संतोष कुमार (18) और नेपाल के जिला रोहताबाद के शकूलाबाद थाना गऊ के राजदेव शाह (35) घायल हैं। गंभीर घायल होने से रजनीश, मो. शमीम, फूल मोहम्मद, संतोष और राजदेव को लखनऊ ट्राॅमा सेंटर और लालाबाबू दास को कानपुर हैलट रेफर किया।
विज्ञापन
3 of 5
उन्नाव हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में मृत 16 लोगों की हुई पहचान, दो के प्रयास
बिहार प्रांत के जिला शिवहर के सेवपुर निवासी दीपक कुमार (27), इसी जिले के मकसूदपुर करारिया के शिवदयाल पंडित (28), मोतीहारी के फेनहरा निवासी मो, अशफाक आलम (45), यहीं की मुनचुन खातून उर्फ रूबी (38), यहीं के मोहम्मद साहिल (3) सुहैल (5), गुलनाज (13), मोतीहारी के चंपारन फेनहरा निवासी मो. इलियास उर्फ सोनू (35), यहीं की शमशुन निशा (30), शिवहर जिले के रामपुर केशो निवासी मुर्तजा (53), इसी दिले के पिपरारी के भरत राय (45), सीतामंड़ी जिले के बैरगनिया जमुआ निवासी सोनी खान (31), जिला पूर्वी चंपारन के बिरसा सोटला सपही निवासी बस चालक अखलाख (35), टैंकर चालक रायबरेली निवासी सुनील (30), शिवहर के हिमांशु, शिवहर के नयागांव निवासी नौशाद आलम (14) शामिल हैं। जबकि दो की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
4 of 5
उन्नाव हादसा
- फोटो : अमर उजाला
140 किलोमीटर की परिक्रमा के बाद पांच घंटे ट्रामासेंटर में इलाज
एक्सप्रेस-वे पर जहां घटना हुई है वहां से वहां से लखनऊ ट्रामा सेंटर की दूरी मात्र 80 किलोमीटर है। गंभीर घायलों को पहले छह किलोमीटर दूर बांगरमऊ सीएचसी भेजा गया। इसके बाद बांगरमऊ से 60 किमी दूर जिला अस्पताल भेजा गया। इसके बाद जिला अस्पताल से पांच को ट्राॅमा सेंटर और एक को कानपुर हैलट रेफर किया गया। मालूम हो कि जिस जगटापुर गांव के पास सुबह हादसा हुआ था वहां से लखनऊ ट्राॅमा सेंटर की दूरी 80 किलोमीटर है। लेकिन बांगरमऊ सीएचसी से पहले घायलों को उन्नाव जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद हाथ, पैर कटे व नाजुक हालत वाले पांच घायलों को जिला अस्पताल से ट्राॅमा सेंटर भेजा गया। यहां से ट्राॅमा सेंटर की दूरी 80 किलोमीटर है, जबकि एक घायल को 25 किमी दूर कानपुर हैलट रेफर किया गया। बांगरमऊ सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश सिंह ने बताया कि विषम परिस्थितियों में घायल को ट्रामा सेंटर लखनऊ या कानपुर हैलेट रेफर किया जा सकता है। लेकिन आमतौर पर जिला अस्पताल ही रेफर करने का प्रावधान है।
आठ घंटे बाद सामान्य हुआ यातायात
हादसा सुबह 4:30 बजे हुआ था। बांगरमऊ सीओ के नेतृत्व में बांगरमऊ, बेहटामुजावर, फतेहपुर चौरासी, औरास, आसीवन, सफीपुर और माखी थाना की पुलिस पहुंची और बस में फंसे और सड़क पर बिखरे 18 शवों को सड़क के किनारे रखवाया। क्रेन और हाइड्रा मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे कराया। बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से उन्हें हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। साथ ही पुलिस ने मृतकों की पहचान कराने के प्रयास शुरू हुए। पहचान होने के बाद दोपहर 12 बजे तक 16 लोगों का पंचनामा की कार्रवाई पूरी हुई। इसके बाद सभी शव को डीसीएम से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। जहां सदर कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने आगे की प्रक्रिया पूरी कराई।