फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्द से कराहती रही बच्ची, मगर डॉक्टर नहीं आए: ढाई साल की बर्न रोगी पहुंची थी अस्पताल, नर्स बोली- लखनऊ ले जाओ

Sun, 18 Dec 2022 09:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 8
उर्सला अस्पताल में बच्ची को इलाज न मिलने का मामला - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में तीन अस्पतालों से लौटाई गई दूध से जली ढाई साल की बच्ची इयाना को उर्सला में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन इलाज नहीं शुरू हो सका। शुक्रवार रात नौ बजे भर्ती हुई बच्ची को शनिवार शाम चार बजे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया था। बच्ची दर्द से कराहती रहती है। इलाज तो दूर उसकी मरहम पट्टी भी नहीं की गई।

नर्स ने बच्ची की मां से इतना जरूर कह दिया कि लखनऊ ले जाओ, वहीं इलाज मिलेगा।  उर्सला इमरजेंसी के एनबी-2 वार्ड के अंदर विशेष वार्ड के 21 नंबर बेड पर भर्ती ढाई साल की इयाना अपने ऊपर से मां के आंचल हटाते ही चीख मारकर रोने लगती है।

उबलता दूध गिरने से छाती का दाहिना हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया है। रोगी के पिता मुन्ना कभी नर्सों के कक्ष में तो कभी बाहर डॉक्टर के आने का इंतजार करते हैं। बताते हैं कि इयाना को लेकर चार अस्पतालों में जा चुके हैं लेकिन अभी तक इलाज नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन

2 of 8
उर्सला अस्पताल में बच्ची को इलाज न मिलने का मामला - फोटो : अमर उजाला
पिता का दर्द : भर्ती तो कर लिया पर बच्ची की पट्टी तक नहीं की
मुन्ना ने बताया कि वे काजीपुर, कन्नौज के रहने वाले हैं। तीन दिसंबर को उबलता दूध बच्ची के ऊपर गिर गया था। पहले निजी डॉक्टर से इलाज कराते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन

3 of 8
उर्सला अस्पताल में बच्ची को इलाज न मिलने का मामला - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को तकलीफ बढ़ी तो, बच्ची को लेकर पहले कन्नौज के जिला अस्पताल गए। वहां किसी ने हाथ नहीं लगाया और कहा कि तिर्वा मेडिकल कॉलेज ले जाओ। वहां के डॉक्टरों ने भी जिला अस्पताल जैसा व्यवहार किया। कह दिया कि बच्ची को लेकर हैलट जाओ।

4 of 8
उर्सला अस्पताल में बच्ची को इलाज न मिलने का मामला - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार शाम सात बजे हैलट पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों ने कुछ देर रखा और बोले कि बर्न का इलाज नहीं हो पाएगा। बच्ची को उर्सला लेकर जाइए। रात नौ बजे उर्सला इमरजेंसी पहुंचे। यहां भर्ती कर लिया गया लेकिन मरहम पट्टी तक नहीं की गई है। डॉक्टर तो आए नहीं, स्टाफ लखनऊ ले जाने के लिए कहता है।
विज्ञापन

5 of 8
उर्सला हॉस्पिटल कानपुर
अन्य मरीजों का भी यही हाल, उर्सला से भेजा केजीएमयू और फिर उर्सला
इसी बर्न वार्ड में 19 नंबर बेड पर मूलगंज की जहांआरा (44) भर्ती हैं। उन्हें भी किसी डॉक्टर ने आकर नहीं देखा है। बताती हैं कि गर्म पानी उनके ऊपर गिर गया था। जब भर्ती हुए तो स्टॉफ ने आकर ड्रिप लगा दी। ग्लूकोज की बोतल खत्म हो गई, तो उसे हटा दिया।
विज्ञापन

6 of 8
उर्सला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला - फोटो : अमर उजाला
तीसरा दिन है कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। इसी वार्ड में डोमनपुर की रमेश की पत्नी रन्नो (26) गंभीर हालत में भर्ती हैं। रमेश का कहना है कि खाना बनाते समय रन्नो जल गई थी। पहले उन्हें उर्सला लाए थे। यहां से डॉक्टरों ने केजीएमयू लखनऊ भेज दिया। वहां दो-तीन दिन रहे फिर उर्सला भेज दिया।
विज्ञापन

7 of 8
कानपुर उर्सला हॉस्पिटल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
संक्रमण से बचाव की नहीं की कोई व्यवस्था
इमरजेंसी के इस विशेष वार्ड में बर्न के ही रोगियों को रखा गया है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए कोई एहतियात नहीं बरता जा रहा है। रोगियों के रिश्तेदार यहां बच्चे लिए बैठे रहते हैं। अगर संक्रमण हो गया, तो रोगियों की जान जा सकती है। यहां स्टाफ भी किसी को वार्ड में आने-जाने से नहीं रोकता है।
विज्ञापन

8 of 8
उर्सला अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
राउंड लिया था, तो स्टॉफ ने बताया कि सारे रोगियों को देख लिया गया है। सबको दवाएं आदि दे दी गई हैं। अभी फौरन पता करवाता हूं कि किसी रोगी को नहीं देखा गया है। डॉक्टर को भेजते हैं।  -डॉ. सुशील प्रकाश, निदेशक उर्सला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें