कानपुर में तीन अस्पतालों से लौटाई गई दूध से जली ढाई साल की बच्ची इयाना को उर्सला में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन इलाज नहीं शुरू हो सका। शुक्रवार रात नौ बजे भर्ती हुई बच्ची को शनिवार शाम चार बजे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया था। बच्ची दर्द से कराहती रहती है। इलाज तो दूर उसकी मरहम पट्टी भी नहीं की गई।
नर्स ने बच्ची की मां से इतना जरूर कह दिया कि लखनऊ ले जाओ, वहीं इलाज मिलेगा। उर्सला इमरजेंसी के एनबी-2 वार्ड के अंदर विशेष वार्ड के 21 नंबर बेड पर भर्ती ढाई साल की इयाना अपने ऊपर से मां के आंचल हटाते ही चीख मारकर रोने लगती है।
उबलता दूध गिरने से छाती का दाहिना हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया है। रोगी के पिता मुन्ना कभी नर्सों के कक्ष में तो कभी बाहर डॉक्टर के आने का इंतजार करते हैं। बताते हैं कि इयाना को लेकर चार अस्पतालों में जा चुके हैं लेकिन अभी तक इलाज नहीं मिल पाया है।