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कोरथा में कोहराम: एक साथ उठीं 26 अर्थियां तो थर्रा उठा गांव, किसी ने बेटे को खोया तो किसी ने मां को

Mon, 03 Oct 2022 10:50 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे से कोरथा गांव में कोहराम मच गया। रविवार सुबह गांव से जब 26 अर्थियां उठीं तो पूरा गांव चीखों से थर्रा उठा। जिन लोगों ने अपनों को खोया वे कभी रोते-रोते सन्नपात में चले जाते तो कभी अचानक से चीख पड़ते। शनिवार रात से लेकर गांव में गम और मातम पसरा हुआ है।

अर्थियां उठने के बाद हर गली में एक अजीब सा सन्नाटा पसर गया। सुनाई दे रहीं हैं तो बस सिसकियां। ऐसा कोई ग्रामीण नहीं जो हादसे से हतप्रभ न हो। जिसकी कोर आंसुओं से भीगी न हो। ड्योढ़ी घाट पर सभी शवों का अंतिम संस्कार हुआ। 13 शवों की अंत्येष्टि हुई। बच्चों व किशोरियों के 13 शव दफनाए गए। 

कोरथा गांव निवासी राजू के बेटे अभि का शनिवार को मुंडन संस्कार था। करीब चालीस लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से उन्नाव स्थित चंद्रिका देवी मंदिर गए थे। लौटते वक्त शाम करीब 7:45 बजे साढ़-भीतरगांव मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पानी भरी खंती में जा गिरी थी।
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
हादसे में गांव के 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें आठ बच्चे, पांच किशोरियों व 13 महिलाएं हैं। सीएचसी भीतरगांव से पोस्टमार्टम के बाद एक-एक कर शव गांव लाए गए। जैसे-जैसे शव गांव पहुंचते गए, लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। चीखों और चीत्कार से गांव गूंजने लगा।
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
‘एक बार हमरे लाल का मुंह तो दिखा देव’
गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। क्योंकि ऐसा कोई घर नहीं जिसने अपने को खोया न हो। शव पहुंचते ही परिजनों ने घेर लिया। हर कोई अपने बेटे, मां, बहन, भाई की एक झलक देखना चाहता था। लोग जब शव उठाकर चलने लगे तो महिलाएं पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं और रोते-रोते कह रहीं थीं कि ‘एक बार हमरे लाल का मुंह तो दिखा देव..., हमरी बिटिया से कहि देव एक बार हम तो बात तो करि लेव...। हादसे का दंश झेलने वाले तीन परिवार ऐसे हैं, जो पूरी तरह से उजड़ गए। केवल एक-एक पुरुष ही बचा है।

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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
दर्जनों गांव के लोग जुटे, दुख बांटा, सांत्वना दी
जिले का शायद यह पहला हादसा है, जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। यह सुनकर आसपास के गांवों के लोग भी कोरथा पहुंचे थे। पीड़ितों का दुख दर्द बांटा और उन्हें सांत्वना देते रहे। अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
राजू की मां और बेटी की भी मौत
मुंडन राजू के सात वर्षीय बेटे अभि का था। राजू खुद ट्रैक्टर चला रहा था। वह पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन उसकी बेटी रिया उर्फ दिव्या और मां रामजानकी की मौत हो गई। 
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