घाटमपुर में सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
‘एक बार हमरे लाल का मुंह तो दिखा देव’
गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। क्योंकि ऐसा कोई घर नहीं जिसने अपने को खोया न हो। शव पहुंचते ही परिजनों ने घेर लिया। हर कोई अपने बेटे, मां, बहन, भाई की एक झलक देखना चाहता था। लोग जब शव उठाकर चलने लगे तो महिलाएं पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं और रोते-रोते कह रहीं थीं कि ‘एक बार हमरे लाल का मुंह तो दिखा देव..., हमरी बिटिया से कहि देव एक बार हम तो बात तो करि लेव...। हादसे का दंश झेलने वाले तीन परिवार ऐसे हैं, जो पूरी तरह से उजड़ गए। केवल एक-एक पुरुष ही बचा है।