फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुबेर का खजाना: 40 घंटे, 13 मशीनें और 179 करोड़ की रकम, 80 बक्सों में नोट भरकर कंटेनर से भेजे गए बैंक

Sat, 25 Dec 2021 02:10 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
gst raid - फोटो : amar ujala
डीजीजीआई की टीम 40 घंटे से पीयूष जैन के ठिकानों पर डेरा जमाए है। देररात तक 179 करोड़ से अधिक की नकदी गिनी जा चुकी थी। नोटों की गिनती में 30 से अधिक कर्मचारी, 13 मशीनें लगाई गई हैं। अभीतक गिनी जा चुकी रकम 80 बक्सों में भरकर स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में भिजवाई गई है। पीयूष के कन्नौज स्थित मकान से 1 करोड़ रुपये से अधिक के जेवर मिले है। कन्नौज में इत्र एवं कंपाउंड कारोबारी पीयूष जैन के घर शुक्रवार देररात भी डीजीजीआई की छापेमारी जारी रही। चाबियां न मिलने पर हथौड़ों से अलमारियां तोड़ी गईं। यहां से चार करोड़ रुपये और एक करोड़ के जेवर भी टीम को मिले हैं। टीम ने स्थानीय पुलिस से डुप्लीकेट चाबी बनाने वाले पिता-पुत्र को बुलवाया। वहीं रानू मिश्रा का मुनीम रहा विनीत गुप्ता भी इत्र और कंपाउंड के कारोबारी निकला। टीम उसे लेकर कचहरी टोला स्थित उसके घर पहुंची। यहां देररात तक उससे पूछताछ करती रही। यहां से भी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पीयूष जैन के आनंदपुरी स्थित घर की दीवारों से भी नोटों के बंडल मिले हैं। बुधवार को जब कार्रवाई शुरू हुई तो अफसरों को कई अलमारियां मिली थीं, जो बंद थीं।



 
विज्ञापन

2 of 5
gst raid - फोटो : amar ujala
दीवारों से निकले नोटों के बंडल
पीयूष जैन से कई बार अफसरों ने संपर्क किया लेकिन बात नहीं हो पाई। फिर दूसरे दिन अफसरों ने दूसरी चाभियों से ताले खोले। इनमें भारी मात्रा में कैश मिला। जिनकी गिनती शुक्रवार को चल ही रही थी। जांच के दौरान अधिकारियों को घर की कुछ दीवारें अन्य दीवारों से अलग लगीं। अधिकारियों ने दीवार को ठोंका तो खोखली लगी। दीवारों को तोड़ा गया तो अंदर से नोटों के बंडल गिरने लगे। ये बंडल पॉलिथीन और कागज में पैक थे। ये बंडल पांच सौ और सौ के नोटों के हैं।  

 
विज्ञापन

3 of 5
gst raid - फोटो : amar ujala
छापे की जानकारी पर स्कूटी से पहुंचा रानू मिश्रा
कारखाने में छापे की जानकारी मिलते ही कारोबारी रानू मिश्रा स्कूटी से कारखाने पहुंचा। यहां टीम से कहासुनी भी हुई। इसके बाद टीम ने रानू के लैपटॉप से डाटा खोज निकाला। पुलिस से प्रिंटर मंगवाकर उसका प्रिंटआउट निकालकर फाइल बनाई। इसके बाद कारखाने में रानू और उसके मुनीम से घंटों पूछताछ की। रानू का कानपुर के अलावा कई शहरों में मकान है। वह पान मसाला बनाने वाली कानपुर की एक बड़ी कंपनी को कंपाउंड सप्लाई करता है।
 

4 of 5
gst raid - फोटो : amar ujala
अन्य कारोबारियों ने कारखाने और गोदामों से हटाया माल
शहर में छापे के बाद अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई कारोबारियों ने कारखाने बंद कर माल को इधर-उधर छिपा दिया तो कई ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। देररात तक कारोबारी एक-दूसरे को फोन कर टीम की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी करते रहे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
gst raid - फोटो : amar ujala
27 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
इत्र और कंपाउंड कारोबारियों के यहां छापा मराने वाली 27 सदस्यीय टीम ने बड़े गोपनीय ढंग से कार्रवाई की। टीम के सदस्यों के पास बगैर नंबर की बाइकें भी हैं। इससे चर्चा है कि टीम के कुछ सदस्य करीब 10 दिन से दोनों कर्मचारियों के आवासों, कारखानों और प्रतिष्ठानों के आसपास चक्कर लगाकर अहम जानकारी जुटा रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें