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तिजोरियों की पहरेदारी: पीयूष जैन के घर में चारों ओर लगे कटीले तार, रात में दौड़ता करंट, सीसीटीवी भी नहीं लगे

Fri, 24 Dec 2021 10:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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150 करोड़ की कर चोरी - फोटो : amar ujala
इत्र कारोबारी पीयूष जैन ने 2007 में आनंदपुरी में मकान खरीदा था। वो कभी-कभी यहां आते थे। बेटे प्रत्युष और प्रियांश यहीं पर रहते थे। बताया गया कि घर में अकूत धन होने के चलते बेहद सीमित संख्या में लोग आते जाते थे। घर में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं लेकिन घर के बाहर और छतों पर तारों की फेंसिंग है। रात में तारों में करंट भी दौड़ता था। घर के अंदर काले शीशे लगाए गए हैं। ताकि कोई अंदर की गतिविधियां न देख सके। घर को कभी अकेला भी नहीं छोड़ा जाता था। कुछ समय पहले गुजरात में पकड़े गए ट्रकों में मिले फर्जी ई-वे बिल व फर्जी इनवाइस ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन, ट्रांसपोर्टर प्रवीण जैन और शिखर पान मसाला के मालिकान के बीच चल रही सांठगांठ की पोल खोल दी। ट्रकों को पकड़ने के बाद डीजीजीआई की टीम ने लंबे समय तक रेकी की।


 
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नोट गिनने के लिए मशीनें ले जाते हुए - फोटो : amar ujala
इसके बाद बुधवार को सबसे पहले शिखर पान मसाला वालों के यहां और ट्रांसपोर्टर के यहां छापा मारा। यहां से पीयूष जैन के नाम से कई फर्जी बिल मिले। बस यहीं से पीयूष टीम के निशाने पर आ गया। कन्नौज में कार्रवाई के दौरान उसके घर से मिली डायरी ने भी तीनों को घेरने का काम किया। डायरी में इन दोनों के नाम के साथ ही उनसे लेनदेन, माल सप्लाई आदि का भी जिक्र है। 

 
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इन्हीं बक्सों में रखे हैं नोटों के बंडल - फोटो : amar ujala
सूत्रों के अनुसार गुजरात में पकड़े गए ट्रकों के बाद पता चला था कि माल लिखा पढ़ी में कहीं और दिखाया जाता था और असल में जाता कहीं और था। इसके बाद से डीजीजीआई की टीम ने निगरानी शुरू कर दी। पूरे सुबूत जुटाने के बाद कार्रवाई की। हालांकि इतने बड़े पैमाने पर कैश मिलने से अफसर भी हैरान हैं। जांच में पता चला कि ज्यादातर कारोबार कैश में किया जाता था। अलग-अलग स्थानों पर जाने वाले माल में कमीशन भी लिया जाता था। हर दिन दिन बड़ी संख्या में ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग दिखाई जाती थी।

 

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gst raid - फोटो : amar ujala
जांच के बाद पता चलेगा कारोबार दायरा
175 करोड़ से ज्यादा कैश मिलने के बाद इत्र कारोबारी, शिखर पान मसाला के मालिकों और ट्रांसपोर्टर प्रवीण जैन पर और शिकंजा कस सकता है। इत्र कारोबारी का विदेश तक कारोबार फैला है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। आयकर और ईडी की जांच शुरू होने पर विदेशी लेन-देन, बैंक लॉकरों, संपत्तियों का खुलासा हो सकेगा। एक समय में शिखर पान मसाला का शहर में बड़ा काम था। काम बढ़ने के बाद नोएडा में शिफ्ट हो गया लेकिन अभी भी शहर में बड़े स्तर पर कारोबार किया जा रहा है। 

 
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gst raid - फोटो : amar ujala
जीएसटी-आयकर अफसरों ने किया सहयोग
डीजीजीआई की कार्रवाई में आयकर, जीएसटी, कस्टम के अफसरों ने भी सहयोग किया। हालांकि अभी तक आयकर ने जांच नहीं शुरू की है। डीजीजीआई की कार्रवाई खत्म होने के बाद आयकर और ईडी इसकी जांच शुरू कर सकते हैं। 
 
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