आधुनिक कन्नौज की जन्मदाता यानी शीला दीक्षित का इस जिले से गहरा नाता रहा। इसी जिले की जनता ने उन्हें पहली बार संसद भेजा। सत्ता हाथ में आई तो कन्नौज की तस्वीर बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक के बाद एक सौगातों की देन थी कि कन्नौज न सिर्फ आसपास के जिलों से जुड़ा बल्कि एफएफडीसी के जरिए उसने विदेशी जमीन पर भी अपनी धाक जमाई।