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संजीत अपहरण हत्याकांड: देखती ही भड़क जातीं थीं एसपी अपर्णा, कहा था-ऐसे केस रोज आते हैं, यही काम नहीं है

Sun, 26 Jul 2020 08:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
संजीत अपहरण कांड में फिरौती देने का मामला तूल पकड़ चुका है। फिरौती में दिए गए बैग में रकम थी या नहीं इसकी जांच कर रहे एडीजी बीपी जोगदंड ने शनिवार को संजीत यादव के पिता के बयान दर्ज किए। चमन ने कहा कि साहब! पुलिस ने बैग दिया था। उसमें हमने 30 लाख रुपये रखे थे। फिर गुजैनी फ्लाईओवर से पुलिस के कहने पर रकम से भरा बैग नीचे फेंक दिया था जो बदमाश ले गए।
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
चमन यादव ने बताया कि 11 लाख रुपये उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर जुटाए। बाकी के 19 लाख रुपये बेटी की शादी के लिए रखे थे। इसमें जेवरात के पैसे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। मुझे अपना बेटा जिंदा चाहिए था, इसलिए पाई-पाई रकम जुटा बदमाशों को दे दी थी। इसके बाद जांच अधिकारी ने मामले में जिन-जिन की भूमिका सामने आई है, उन सभी पुलिस अफसरों के बयान लिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी पुलिस अधिकारियों ने बैग में नकली नोट आदि होने की बात कही। 30 लाख रुपये न होने का दावा किया।
 
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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
ऐसे केस रोज आते हैं, यही काम नहीं है 
चमन यादव ने बताया कि जब वो एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता के पास एक दो बार गए तो वो भी भड़क गईं। उनका कहना था कि ऐसे केस रोज आते हैं। बार-बार यहां आने की जरूरत नहीं है। यही एक केस ही नहीं है, बहुत काम रहता है। यानी एसपी साउथ ने भी लापरवाही बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सीओ मनोज गुप्ता पर भी लापरवाही बरतने का आरोप है।
 

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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
एसपी साउथ की सर्विलांस टीम फेल
22 जून को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल तक सर्विलांस पर नहीं लगाया। सर्विलांस प्रभारी को भी जानकारी नहीं दी। जब फिरौती की कॉल आई तो एसपी साउथ की सर्विलांस टीम ने नंबर सर्विलांस पर लगाकर जांच शुरू की। टीम में दो पुलिसकर्मी मयंक और शिवराम शामिल थे।
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
हैरानी की बात यह है कि एक ही नंबर से अपहर्ताओं के कई बाद कॉल करने पर भी दोनों पुलिसकर्मी उसको ट्रेस नहीं कर पाए। मोबाइल कई-कई घंटे तक ऑन रहता था। केस में यह सबसे बड़ी लापरवाही रही। उधर बिकरू कांड में सर्विलांस की मुख्य टीम और स्वाट टीम लगी रही। 13 तारीख को जब फिरौती दी गई तब सर्विलांस की प्रमुख टीम ने जांच शुरू की।
 
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