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संजीत अपहरण कांड: साहब! पुलिस ने बैग दिया, मैंने 30 लाख रुपये रखे थे, मुझे बेटा जिंदा चाहिए था

Sun, 26 Jul 2020 08:11 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
संजीत अपहरण कांड में फिरौती देने का मामला तूल पकड़ चुका है। फिरौती में दिए गए बैग में रकम थी या नहीं इसकी जांच कर रहे एडीजी बीपी जोगदंड ने शनिवार को संजीत यादव के पिता के बयान दर्ज किए। चमन ने कहा कि साहब! पुलिस ने बैग दिया था। उसमें हमने 30 लाख रुपये रखे थे। फिर गुजैनी फ्लाईओवर से पुलिस के कहने पर रकम से भरा बैग नीचे फेंक दिया था जो बदमाश ले गए।
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
चमन यादव ने बताया कि 11 लाख रुपये उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर जुटाए। बाकी के 19 लाख रुपये बेटी की शादी के लिए रखे थे। इसमें जेवरात के पैसे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। मुझे अपना बेटा जिंदा चाहिए था, इसलिए पाई-पाई रकम जुटा बदमाशों को दे दी थी। इसके बाद जांच अधिकारी ने मामले में जिन-जिन की भूमिका सामने आई है, उन सभी पुलिस अफसरों के बयान लिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी पुलिस अधिकारियों ने बैग में नकली नोट आदि होने की बात कही। 30 लाख रुपये न होने का दावा किया।
 
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
मकान नहीं बेचा 
वारदात के बाद संजीत की बहन व अन्य परिजनों का कहना था कि फिरौती की रकम जुटाने के लिए मकान भी बेच दिया था। वो अपने बयानों पर कायम थे मगर जब जांच अधिकारी को उन्होंने बयान दर्ज कराए तो उसमें उन्होंने मकान बेचने की बात नहीं की। उनका कहना था जो रकम, जेवरात घर पर थी उसके अलावा उधार लेकर फिरौती के पैसे इकट्ठा किए थे।
 

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर पर बड़ा आरोप
संजीत के परिजनों ने जांच अधिकारी को बताया कि इंस्पेक्टर रणजीत राय ने संजीत की बहन पर ही गंभीर आरोप लगाए थे। कई तरह के लांछन लगाए। जांच अधिकारी ने इसको बेहद गंभीरता से लिया है। इससे साबित होता है कि रणजीत राय की लापरवाही ही नहीं रही, अभद्रता भी उसने की। निलंबित चौकी इंचार्ज राजेश पर भी अभद्रता करने का आरोप लगाया।
 
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लैब टेक्नीशियन की हत्या - फोटो : अमर उजाला
ऐसे केस रोज आते हैं, यही काम नहीं है 
चमन यादव ने बताया कि जब वो एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता के पास एक दो बार गए तो वो भी भड़क गईं। उनका कहना था कि ऐसे केस रोज आते हैं। बार-बार यहां आने की जरूरत नहीं है। यही एक केस ही नहीं है, बहुत काम रहता है। यानी एसपी साउथ ने भी लापरवाही बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सीओ मनोज गुप्ता पर भी लापरवाही बरतने का आरोप है।
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