फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

70 दिन की मजदूरी के बाद मिला 4 कुंतल अनाज ही बना मौत का सामान

Thu, 12 Apr 2018 01:41 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
ट्राली एक्सीडेंट
यूपी के बांदा जिले में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी काे चाैका के रख दिया। खुले आसमान तले धूप की तपिश में करीब 70 दिन तक फसल काटने की तीन कुंतल अनाज की मजदूरी पाकर लक्ष्मिनिया, लीला और तुलसा खुशी थीं। पूरे साल चूल्हा जलाने का उनका इंतजाम हो गया था।

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
ट्राली एक्सीडेंट में घायल लाेग
70 दिन की मजदूरी में मिला था 3-4 कुंतल यही अनाज उनकी मौत का सामान बन गया। ट्राली पलटी तो अनाज की बोरियों में दबकर तीनों की मौत हो गई। बोरियों का अनाज वहीं फैल गया। मृतक और घायलों के परिवार हर साल फसल काटने मजदूरी पर जाते हैं। उन्हें गेहूं काटने की मजदूरी अनाज के रूप में मिलती है।


 
विज्ञापन

3 of 5
ट्राली एक्सीडेंट
मृतक लक्ष्मीनिया के भाई बारेलाल ने बताया कि 20 गठ्ठर की कटाई में एक गठ्ठर मजदूरी मिलती है। लक्ष्मीनिया को चार कुंतल गेहूं मिला था। सयानी बेटी विनीता की शादी के लिए वह लगातार मजदूरी कर रही थी। कटाई में मिला अनाज इन मजदूरों को साल भर का राशन होता था। कमोबेश यही घरेलू परिस्थितियां मृतक तुलसा और लीला की थीं।

 

4 of 5
एक्सीडेंट में घायल
मंगलवार को पूरी फसल कट जाने के बाद खेत मालिक ने सभी मजदूरों का उनकी मजदूरी का अनाज देकर ट्रैक्टर से उन्हें विदा किया था। बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक, उसरा पुरवा से लीला अपने बच्चे और पति गामा के साथ फसल काटने गई थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
एक्सीडेंट में घायल लाेग
लीला के कच्चे खपरैलदार मकान में दरवाजा भी नहीं है। पैबंद वाली टाट फट्टी का पर्दा डालकर लकड़ी से रोक लगा रखी है। तीनों मृतकों समेत लगभग सभी मजदूरों के बच्चों का नामांकन गांव के परिषदीय स्कूल में है लेकिन कटाई में मदद के लिए इन बच्चों को भी साथ ले गए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें