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तस्वीरों में देखें रनियां अग्निकांड: हादसे के पीछे की अहम वजह आई सामने, आग लगने से लेकर छह मौतों तक की कहानी

Sun, 22 Sep 2024 09:52 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर देहात
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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के रनियां स्थित फोम गद्दा गोदाम में आग लगने की वजह एलपीजी यूनिट रोल में चिंगारी बताई जा रही है। इसके बाद धमाका होने से शेड ढह गया। अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि फैक्टरी परिसर में चार शेड हैं। इसमें से एक शेड में आग लगी। आग लगने के बाद यह शेड तबाह हो गया। अनुमान है कि इस शेड में एलपीजी गैस का रिसाव हुआ। इसके बाद एलपीजी यूनिट रोल में चिंगारी से आग लग गई। एक साथ पूरे परिसर में आग फैलने से विस्फोट हुआ और गोदाम का शेड ढह गया। उन्होंने बताया कि फायर रेस्क्यू टीम पहुंचने पर भी हल्के विस्फोट सुने गए हैं।
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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
रनियां के रघुनाथपुर के पास बिना फायर एनओसी संचालित फोम की गद्दा फैक्टरी में शनिवार सुबह छह बजे गैस रिसाव से आग लग गई। गोदाम में काम कर रहे 11 मजदूरों में से 10 अंदर ही फंस गए। किसी तरह सात को बाहर निकाला गया। शाम करीब चार बजे फैक्टरी से तीन जले हुए शव मिले। इनकी पहचान नहीं हो सकी है। वहीं, एक घायल की उपचार के दौरान मौत हो गई। छह मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें से दो की हालत गंभीर है।
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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, इंवेस्टर्स समिट में एमओयू के बाद करीब डेढ़ साल पहले मानकों को दरकिनार कर फैक्टरी में उत्पादन शुरू कर दिया गया। फैक्टरी के निर्माण के दौरान प्रोविजनल (अस्थायी) प्रमाणपत्र तक नहीं लिया गया। परिसर में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम तक नहीं किए गए। दिखावे के लिए हाइड्रेंट लाइन और ट्रैंक बनाया गया है। टैंक से पानी उठाने के लिए एक भी पंपिंग सेट नहीं लगाया गया। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
रनियां के खानचंद्रपुर रोड स्थित शिवनाथपुर के पास आरपी पॉली पैक फैक्टरी है। इसमें फोम के गद्दे बनते हैं। फैक्टरी में करीब 30 मजदूर काम करते हैं। शुक्रवार से ही रात की शिफ्ट शुरू हुई थी। गोदाम में गद्दा पैकिंग के लिए 11 मजदूर रोहित (22) पुत्र श्याम लाल, शिवम (19) पुत्र राममशंकर, अजीत (16) पुत्र रामशंकर, रवि (24) पुत्र कमलेश, विशाल (20) पुत्र छुट्टन, सुरेंद्र (22) पुत्र श्यामलाल निवासी जरीहा थाना गजनेर, प्रांशु (19) पुत्र धर्मेंद्र कुमार निवासी सुजौर थाना देवराहट, लवकुश (20) पुत्र असर्फी लाल निवासी अन्नतापुर बरौर, अमित (19) पुत्र लालता प्रसाद निवासी आनतापुर बरौर, मनोज (18) पुत्र राम खिलवान निवासी मुड़रा स्याही रूरा, संजय (22) पुत्र राम खिलावन निवासी स्याही रूरा काम कर रहे थे।
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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
सुबह छह बजे के करीब संजय पानी पीने के लिए बाहर निकला। इसी बीच तेज धमाके से आग लग गई। मजदूर कुछ समझ पाते गोदाम आग का गोला बन गया। फैक्टरी में मौजूद गार्ड श्रीकांत, सुंदरलाल व मजदूर संजय ने आसपास के लोगों और पुलिस को जानकारी दी। सुबह आठ बजे के करीब माती से दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं। इसके बाद कानपुर नगर, एचपीसीएल प्लांट व कानपुर देहात की 10 दमकल गाडि़यां, पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।


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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने विशाल, अजीत, सुरेंद्र, रोहित, शिवम, रवि, अमित को गंभीर हालत में जिला अस्पताल व रनियां के अस्पतालों में भर्ती कराया। इसी बीच आग भड़क गई और गोदाम का टिनशेड दीवारों के साथ ढह गया। इससे अंदर फंसे मनोज, लवकुश, प्रांशु को बाहर नहीं निकाला जा सका।
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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी आलोक सिंह, एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व केशवनाथ गुप्ता, एएसपी राजेश पांडेय, सीओ तनु उपाध्याय समेत, स्वास्थ्य, एनएचएआई व एसडीआरएफ की टीम पहुंची। सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक मलबा हटाया गया। शाम चार बजे मौके से तीन जिंदा जले शव (कंकाल) मिले। बताया जा रहा है कि यह अंदर फंसे मजदूरों के शव हैं। हालांकि शवों की पहचान नहीं हो सकी है। डीएनए टेस्ट से इनकी पहचान कराई जाएगी।

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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
गैस रिसाव और स्पार्किंग बताई जा रही मुख्य वजह
आग लगने की वजह गैस रिसाव और स्पार्किंग बताई जा रही है। इधर, शाम पांच बजे के करीब गंभीर हालत में रेफर किए गए अमित पुत्र लालता प्रसाद निवासी अंतापुर बराैर की कानपुर के हैलट में मौत हो गई। फैक्टरी गेट के बाहर परिजन शव दिखाने व अंदर जाने को लेकर हंगामा करते रहे। मृतकों के परिजनों का बुरा हाल रहा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी उन्हें ढांढस बंधाते रहे। आरपी पॉलीपैक फैक्टरी की फायर अनापत्ति नहीं थी। करीब डेढ़ साल पहले अस्थायी अनापत्ति के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार आवेदन नहीं होने पर अनापत्ति देने से मना कर दिया गया था। शनिवार को आग लगने की घटना की सूचना पर फैक्टरी परिसर देखा गया। अग्निसुरक्षा इंतजाम नहीं मिले। हाइडेंट लाइन बनी मिली। टैंक से पानी पंप करने के लिए कोई मोटर नहीं लगा है। साफ है कि अग्नि सुरक्षा के इंतजाम सक्रिय नहीं मिले। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी में लगी आग के मामले की जांच कराई जाएगी। किस स्तर पर लापरवाही रही इसका पता लगाया जा रहा है। फैक्टरी प्रबंधन पीड़ितों की मदद कर रहा है। प्रशासन स्तर पर नियमानुसार मदद की जाएगी। - आलोक सिंह, जिलाधिकारी

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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
गोदाम में आग लगने की जानकारी मिलते ही पुलिस व प्रशासन की टीम पहुंच गई थी। राहत बचाव कार्य करते हुए सात घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इसमें एक की कानपुर में मौत हुई है, जबकि तीन के शव मिले हैं। शवों की पहचान कराई जा रही है। मामले की जांच की जा रही है। - बीबीजीटीएस मूर्ति एसपी

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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी के बाहर रोके जाने पर परिजनों ने किया हंगामा
फोम फैक्टरी में आग लगने व परिवार के सदस्यों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही महिलाएं, बच्चे व गांव के लोग काफी संख्या में गेट के बाहर जा पहुंचे।काफी देर तक परिवार के लोग घटना के बारे में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से जानकारी लेते रहे। जैसे ही उन्हें जानकारी हुई कि संजय नाम का मरीज सुरक्षित है, शेष सात को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि तीन अंदर फंसे हैं। इस पर परिवार अपनों का हाल जानने के लिए बेताब होने लगे। महिलाएं अंदर स्थिति दिखाने की बात पर अड़ गईं।
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Raniya Fire Incident - फोटो : अमर उजाला
सीओ ने मोर्चा संभाला, तब महिलाएं हुईं शांत
एएसपी राजेश पांडेय, सीओ तनु उपाध्याय के साथ गेट पर तैनात पुलिस कर्मी उन्हें समझा रहे थे। इतने में कुछ महिलाएं व युवक उग्र हो हंगामा करने लगा। पुलिस कर्मियों से हाथापाई पर उतारू हो गए। इस पर महिलाओं को समझाने के लिए सीओ ने मोर्चा संभाला तो महिलाएं शांत हुई। इसके बाद मनोज, लवकुश, प्रांशू के परिजनों को बारी बारी से अंदर भेज स्थिति दिखा कर ढांढस बंधाया। इधर देर शाम तक सैकड़ों की संख्या में परिजन, ग्रामीण गेट के बाहर डंटे रहे।
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