फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशियों को आग: दिवाली मनाने के लिए फैक्टरी में शुरू किया काम, पहले ही दिन धुआं-धुआं अरमान…बिलखते रहे परिजन

Sun, 22 Sep 2024 05:59 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
कानपुर देहात में दिवाली के त्योहार पर घर से दूर न जाना पड़े इसलिए जरिहा के एक ही परिवार के छह लोगों ने रनियां में काम खोजा। पहले दिन काम करने के दौरान फैक्टरी में आग लग जाने से सभी गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टर ने दो की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें उर्सला रेफर कर दिया।

जरिहा निवासी रवि कुमार (24) पुत्र कमलेश कुमार परिवार के रोहित (22) पुत्र श्यामलाल के साथ गुजरात के अहमदाबाद में घरों में पेंटिंग का काम करते थे। बरसात का मौसम होने के चलते दोनों घर आए थे। काफी दिनों से काम नहीं करने से दैनिक खर्चों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिवम (19) पुत्र रामशंकर के भौंती निवासी बहनोई सोनू ट्रक चलाते हैं। वह उनके साथ क्लीनर का काम करता था। कुछ दिन पहले पेट में दर्द की समस्या होने पर घर आ गया था।
विज्ञापन

2 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
पहली बार काम करने के लिए फैक्टरी में गए थे
वहीं, सुरेंद्र (23) पुत्र श्यामलाल गुजरात के बड़ोदरा में फर्टिलाइजर कंपनी में काम करता था। वह 12 सितंबर को घर लौटा था। चारों युवक घर पर दिवाली मनाने के लिए काम पर नहीं जा रहे थे। इस बीच आर्थिक तंगी से निपटने के लिए वह काम की तलाश कर रहे थे। रनियां निवासी ठेकेदार से संपर्क में आने पर चारों पहली बार काम करने के लिए शुक्रवार को गद्दा फैक्टरी में गए थे।
विज्ञापन

3 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
शिफ्ट खत्म होने का इंतजार कर रहे थे सभी
शनिवार सुबह साढ़े छह बजे वह तैयार किए गद्दों को गोदाम में रख कर शिफ्ट खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। चारों अपने साथी विशाल, अजीत के साथ बाहरी हिस्से की ओर थे, तभी धमाके से आग लगी और झुलस गए। इमरजेंसी में मौजूद डॉ. निशांत पाठक ने बताया कि विशाल, अजीत को गंभीर हालत में पहले रेफर किया गया। वहीं, बाद में रवि को दोपहर बाद रेफर कर दिया गया है।

4 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
अपनों का हाल जानने के लिए बिलखते रहे परिजन
फोम गद्दा फैक्टरी में आग लगने व अंदर कई ठेका मजदूर फंसे होने की जानकारी मिलते ही बरौर, रूरा, गजनेर क्षेत्र के गांव से ग्रामीण व परिजन जा पहुंचे। परिजन अपनों का हाल जानने के लिए बेताब रहे। जिन्हें पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने ढांढस बंधाया। फैक्टरी के अंदर मनोज, लवकुश व प्रांशू के फंसे होने की जानकारी पर सबसे बुरा हाल इन्हीं के परिवार के लोगों का रहा। जबकि कई अन्य मजूदरों के परिजन जानकारी लेने पहुंचे।  मगर उन्हें पता चला कि शेष घायल अस्पताल भेज दिए गए तो ज्यादातर लोग अस्पताल की आेर रवाना हो गए। वहीं काफी संख्या में लोग कुछ और मजदूरों के फंसे होने की आशंका जता फैक्टरी गेट के बाहर डटे रहे।
विज्ञापन

5 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
मनोज व संजय को शनिवार को लेना था किराये पर कमरा
रूरा थाना क्षेत्र के मुड़रा श्याही निवासी संजय अपने छोटे भाई मनोज के साथ एक दिन पहले ही काम के लिए आए थे। शनिवार को दोनों को फैक्टरी के बाहर शिवनाथपुरवा में मकान तलाशना था। संजय के सकुशल बच जाने व मनोज के अंदर फंसकर जलने व देर शाम शव मिलने के बाद मां रामश्री, बड़े भाई अमित, बहन गुड्डी, नीलम, रजनी, राजाबेटी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बहनोई महेंद्र ने बताया कि अमित की शादी हो गई है। ससुर रामखिलावन की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। सभी बहनों की शादी हो गई है। मां व परिवार के भरणपोषण की जिम्मेदारी मनोज व संदीप पर थी।
विज्ञापन

6 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
बदहवाश रहे प्रांशू के परिजन
भोगनीपुर थाना क्षेत्र के सुजौर निवासी प्रांशू(19) पुत्र धर्मेंद्र के अंदर फंसकर बुरी तरह जल जाने शाम को शव मिलने के बाद मां चंद्रवती, भाई हिमांशू, मान सिंह, रौनक बिलखते रहे। पिता धर्मेंद्र ने बताया कि प्रांशू सब भाइयों में सबसे बड़ा था। वह व बेटा मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते। करीब एक माह से फैक्टरी में बेटा काम कर रहा था। परिवार के लोग घटना की जानकारी पर सुबह ही पहुंच गए। तेज धूप के बीच परिजन गेट पर भूखे प्यासे डंटे रहे। कई बार अफसरों ने उन्हें पानी पिलाकर ढांढस बंधाया।
विज्ञापन

7 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
लवकुश को बुलाओ वह अंदर है
एक के बाद तीन शव मिलने के बाद लवकुश के परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। फैक्टरी के अंदर मनोज, प्रांशू व लवकुश के फंसे होने की जानकारी दी गई थी। दो शव मिलने के बाद तीसरा शव मिलने की जानकारी हुई तो मां शर्मिला, चाचा चंद्रकेश, पिता अशर्फी लाल, बहन सोनी, भाई शनि, कमल बिलखते रहे। चाचा ने बताया कि वह मूल रूप से अनंतापुर बराैर कानपुर देहात के रहने वाले हैं। लवकुश करीब छह माह से फैक्टरी में काम कर रहा था। वह रनियां के पास ही किराये में मकान लेकर रहता था।
विज्ञापन

8 of 8
kanpur dehat fire - फोटो : amar ujala
अमित की मौत की खबर आई तो स्तब्ध रह गए परिजन
बरौर थाना क्षेत्र के अनंतापुर निवासी अमित पुत्र लालता प्रसाद को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल से हैलट अस्पताल कानपुर रेफर किया गया था। कानपुर में उसकी मौत हो गई। अमित की मौत पर मां कमलेश देवी, पिता लालता प्रसाद, पत्नी रूबी, बहन पूजा, रश्मी, सौम्या बिलखती रहीं। ग्राम प्रधान महेंद्र यादव ने बताया कि अमित अपने तीन बहनों में इकलौता भाई था। घटना की जानकारी मिलते ही वह स्वयं अस्पताल पहुंचे थे। कानपुर में ही पोस्टमार्टम कराया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें