kanpur dehat fire
- फोटो : amar ujala
लवकुश को बुलाओ वह अंदर है
एक के बाद तीन शव मिलने के बाद लवकुश के परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। फैक्टरी के अंदर मनोज, प्रांशू व लवकुश के फंसे होने की जानकारी दी गई थी। दो शव मिलने के बाद तीसरा शव मिलने की जानकारी हुई तो मां शर्मिला, चाचा चंद्रकेश, पिता अशर्फी लाल, बहन सोनी, भाई शनि, कमल बिलखते रहे। चाचा ने बताया कि वह मूल रूप से अनंतापुर बराैर कानपुर देहात के रहने वाले हैं। लवकुश करीब छह माह से फैक्टरी में काम कर रहा था। वह रनियां के पास ही किराये में मकान लेकर रहता था।