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क्वारंटीन सेंटर से संवासिनी के भागने का मामला, पुलिस की कहानी में झोल, लापरवाही पर पर्दा

Sat, 27 Jun 2020 08:53 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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क्वारंटीन सेंटर से भागी थी संवासिनियां - फोटो : amar ujala
कानपुर में पनकी स्थित केडीए ड्रीम्स क्वारंटीन सेंटर से किशोरियों के फरार होने के मामले में पुलिस का खुलासा कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस की कहानी में झोल ही झोल हैं। आनन-फानन में कार्रवाई कर जिम्मेदारों की लापरवाही पर पर्दा डाला जा रहा है। यही वजह है कि अभी तक किसी भी पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी या सेंटर के स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 
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जांच के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : amar ujala
पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म आरोपी अपने तीन साथियों के साथ किशोरियों को सेंटर से भगा ले गया। सवाल है कि जब किशोरियों के पास मोबाइल आदि नहीं है तो उन्होंने उसको किस माध्यम से जानकारी दी कि वो सेंटर में हैं। पनकी एसओ शैलेंद्र का कहना है कि आरोपी सेंटर के भीतर नहीं गए।

 
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संवासिनी गृह - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में ये समझ से परे है कि ये कैसे तय हुआ कि सुबह कितने बजे खिड़की और बाउंड्री कूदकर बाहर निकलना है। उनको कैसे पता चला कि बाहर तीनों आरोपी मौजूद हैं। अगर तीनों ने उन्हें भगाया था तो किशोरियों के साथ वो क्यों नहीं पकड़े गए। ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस के पास नहीं है। एसओ का कहना है कि ये नहीं पता चला कि दोनों के बीच बातचीत कब, कैसे और किसके जरिये हुई।

 

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पुलिस ने किया चौंका देने वाला खुलासा - फोटो : amar ujala
15 जून को जेल से छूटा है आरोपी
पनकी एसओ ने बताया कि किशोरी के परिजन ने पिछले साल रंजीत पर दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में वो जेल भेजा गया था। इसी साल 15 जून को वो जेल से छूटा। आठ दिन के भीतर उसने किशोरी से संपर्क किया। साजिश रची और भगा ले गया।
 
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संवासिनी गृह के बाहर तैनात फोर्स - फोटो : amar ujala
किसी की मिलीभगत
जिस तरह से किशोरियां फरार हुईं, उससे वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और अन्य स्टाफ की लापरवाही साफतौर पर है। एक पहलू ये भी है कि कहीं किसी की मिलीभगत तो नहीं है। फिलहाल पुलिस अफसर जांच की बात कर रहे हैं। किसी जिम्मेदार पर अभी तक कार्रवाई न करना भी मंशा पर सवाल उठाता है।
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