उत्तर प्रदेश में फतेहपुर के अल्लीपुर में आर्थिक तंगी से जूझ रहे रिश्ते के चाचा-भतीजे ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। दोनों लॉकडाउन के दौरान 15 मई को मुंबई से लौटे थे। परिजनों ने बताया कि दोनों सुबह किसी से पैसे लेने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद घटना की जानकारी मिली।
विज्ञापन
2 of 5
खून से सनी लाशे देख मच गया कोहराम
- फोटो : amar ujala
मलवां थानाक्षेत्र के बरमतपुर गांव निवासी महेंद्र पासवान का बेटा धीरेंद्र पासवान (18) और रामखेलावन का बेटा रामू पासवान (19) मुंबई में शटरिंग का काम करते थे। लॉकडाउन में काम छिना तो 15 मई को गांव लौट आए। रामू धीरेंद्र का रिश्ते में चाचा लगता था। दोनों बचपन से गहरे दोस्त थे।
विज्ञापन
3 of 5
लॉकडाउन में लौटे थे घर
- फोटो : amar ujala
महेंद्र पासवान ने बताया कि सुबह किसी से रुपये लेने की बात कहकर दोनों घर से निकले थे। मलवां के चक्की नाका ओवरब्रिज के नीचे दोपहर करीब डेढ़ बजे डाउन लाइन पर मालगाड़ी से कट गए। स्टेशन मास्टर की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। चरवाहों ने दोनों की पहचान की।
4 of 5
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
पुलिस की सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। धीरेंद्र के पिता महेंद्र ने बताया कि मुंबई से लौटने के बाद दोनों काम की तलाश में थे। वहीं मलवां थाना प्रभारी शेर सिंह राजपूत ने बताया कि घटनास्थल से दोनों के घर की दूरी करीब आठ किलोमीटर है। इतनी दूर यह दोनों बगैर किसी काम से आए थे।
घर से कम पर जाने की बात कह कर निकले थे
- फोटो : amar ujala
स्टेशन मास्टर ने मेमो में लिखकर दिया है कि मालगाड़ी आने पर दोनों इंजन के सामने आ गए। इससे आत्महत्या की बात स्पष्ट होती है। दोनों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों काम न मिलने से परेशान थे।