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फर्रुखाबाद: पुलिस की हीलाहवाली से बढ़ गया मामला, 5:30 पर पहुंचे एसपी और सवा छह बजे डीएम

Fri, 31 Jan 2020 03:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में 21 बच्चों को बंधक बनाने के मामले को पुलिस ने शुरुआती दौर में गंभीरता से नहीं लिया। हीलाहवाली करने से मामला जब गंभीर हुआ तब पुलिस और प्रशासन हाथ पांव फूल गए और बच्चों को मुक्त कराने के हर संभव प्रयास में जुट गए। शुरुआती हीलाहवाली के कारण देर रात तक बच्चों को पुलिस व प्रशासन मुक्त नहीं करा पाया।

 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
इससे अब एनएसजी और एटीएस से उम्मीद जताई जा रही है कि उनके आने के बाद बच्चे मुक्त हो सकेंगे। गांव करथिया निवासी सुभाष ने गुरुवार को पुत्री के जन्मदिन के बहाने गांव के करीब 21 बच्चों को दोपहर दो बजे बुलाकर घर में बंधक बना लिया था। ग्रामीण भयभीत हुए और यूपी 112 को बच्चों को बंधक बनाने की जानकारी दी गई।

 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
यूपी 112 करीब चार बजे गांव गई और ग्रामीणों से पूछताछ करने के बाद अफसरों को अवगत कराया। मोहम्मदाबाद कोतवाल 4:20 बजे गांव पहुंचे और आरोपी सुभाष से बच्चों को मुक्त कराने का प्रयास किया। इसके बाद सीओ मोहम्मदाबाद करीब 5:20 बजे गांव पहुंचे। एसपी डा. अनिल कुमार मिश्रा ने साढ़े पांच बजे पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर पूरी स्थिति को समझा।

 

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सिरफिरे ने 11 घंटों से 21 बच्चों को बना रखा बंधक - फोटो : amar ujala
पुलिस प्रशासन ने बच्चों को मुक्त कराने के लिए कोई कड़ा कदम उठाने की जहमत नहीं उठाई। हीलाहवाली के चलते मामला बढ़ता चला गया। बच्चों को बंधक बनाने का मामला जिले से लखनऊ तक पहुंच गया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह 6:15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अलाउंस कर बच्चों को मुक्त करने की कई बार आरोपी सुभाष से कहा, लेकिन उसने बच्चों को मुक्त नहीं कराया।

 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
हीलाहवाली के चलते बच्चों के 8 से 10 घंटे तक बंधक हुए समय बीत जाने पर प्रशासन और पुलिस के हाथपांव फूल गए। यह मामला मुख्यमंत्री और डीजीपी तक पहुंचने गया। जिला प्रशासन और पुलिस के हर प्रयास बच्चों को मुक्त कराने में विफल रहे। 
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