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दोस्तों के कहने पर छह माह की शबनम को किया था मुक्त, सिरफिरे ने 21 बच्चों को 12 घंटे तक बनाया बंधक

Fri, 31 Jan 2020 03:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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सिरफिरे ने 11 घंटों से 21 बच्चों को बना रखा बंधक - फोटो : amar ujala
फर्रुखाबाद के गांव करथिया निवासी आदेश कुमार का पुत्र लव और पुत्री सोनम अपने साथ छह माह की बहन शबनम को लेकर आरोपी सुभाष के घर दोपहर में दो बजे गए थे। दोनों भाई बहन के साथ छह माह की शबनम को को भी सुभाष ने बंधक बना लिया था। पुलिस ने बच्चों को मुक्त कराने के लिए सुभाष के दोस्तों से मदद ली तो दोस्तों के काफी प्रयास के बाद रात करीब 11:30 बजे सुभाष ने बेसमेंट के पास पड़ी टिन शेड के खाली जगह से अपने दोस्त को शबनम को पकड़ा कर मुक्त कर दिया।
 
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सिरफिरे ने 11 घंटों से 21 बच्चों को बना रखा बंधक - फोटो : amar ujala
डॉक्टरों की टीम के साथ सीएमओ गांव पहुंचे
बच्चों के मुक्त होने पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने के लिए डीएम ने सीएमओ और उनकी टीम को तलब कर लिया। सीएमओ डा. चंद्रशेखर ने चार एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम के साथ देर रात गांव करथिया पहुंच कर डेरा जमा लिया है।
 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
बिस्कुट, सिगरेट के बाद मांगा प्रधानमंत्री आवास
बच्चों को बंधक बनाने वाले ग्रामीण सुभाष ने बिस्कुट व सिगरेट की मांग पूरी होने के बाद देर रात प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की। वहां मौजूद अधिकारियों ने आवास दिए जाने का आश्वासन देकर बच्चों को मुक्त किए जाने बात कही, इसके बाद भी सुभाष ने बच्चों को मुक्त नहीं किया।
 

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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
बच्चों को दो बजे बुला लिया था घर
सुुुभाष ने बच्चों को अपने घर दोपहर को करीब दो बजे बुला लिया था। उसने कुछ बच्चों को बेटी के जन्म दिन पर टाफी खिलाने का लालच दिया तो किसी को घर में सजावट करने के बहाने बुला लिया। इसके बाद उसने किसी बच्चे को बाहर नहीं निकलने दिया। चार बजे तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे तो बच्चों के परिजनों को चिंता हुई।
 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
तभी उसने छत पर चढ़ कर हंगामा कर दिया। बताया गया कि सुभाष कुछ दिन पहले भी अपनी बेटी का जन्म दिन मना चुका है। सिगरेट पहुंचाने के दौरान उसकी आवाज से लगा रहा था कि वह और अधिक नशे में हो गया है। इससे आशंका जताई गई कि वह अंदर बैठा शराब पीता रहा।
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