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Mulayam Singh Yadav Death: पहली नजर में ही इन्हें दिल दे बैठे थे मुलायम सिंह यादव, पढ़िए जिंदगी के कुछ खास राज

Mon, 10 Oct 2022 04:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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साधना और मुलायम सिंह की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया है। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोमवार यानि आज सुबह 8.16 पर अंतिम सांस ली। वह 82 साल के थे। यूपी में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई में 22 नवम्बर, 1939 को हुआ था। इनके पिता का नाम सुघर सिंह और माता का नाम मूर्ति देवी है। मुलायम सिंह ने आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (एम.ए) एवं जैन इन्टर कालेज करहल (मैनपुरी) से बी0 टी0 सी की शिक्षा हासिल की और फिर एक इंटर कॉलेज में अध्यापन कार्य शुरू किया। कहते हैं मुलायम सिंह का राजनीतिक सितारा जब बुलंदियों पर था तो साधना गुप्ता उनकी जिंदगी में आई थी। 
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
दोनों की मुलाकात 1982 में उस दौरान हुई जब मुलायम लोकदल के अध्यक्ष बने थे। उस वक्त साधना पार्टी में महज एक कार्यकर्ता के बतौर काम कर रही थी। बेहद खूबसूरत और तीखे नैन-नक्श वाली साधना पर जब मुलायम की नजर पड़ी तो वह भी बस उन्हें देखते रह गए। 


 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अपनी उम्र से 20 साल छोटी साधना को पहली ही नजर में मुलायम दिल दे बैठे थे। मुलायम पहले से ही शादीशुदा थे और साधना भी। साधना की शादी फर्रुखाबाद के छोटे से व्यापारी चुंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी लेकिन बाद में वह उनसे अलग हो गईं। इसके बाद शुरू हुई मुलायम और साधना की अनोखी प्रेम कहानी।

 

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फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
80 के दशक में साधना और मुलायम की प्रेम कहानी की भनक अमर सिंह के अलावा और किसी को नहीं थी।  इसी दौरान 1988 में साधना ने एक पुत्र प्रतीक को जन्म दिया। कहते हैं कि साधना गुप्ता के साथ प्रेम संबंध की भनक मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश की मां मालती देवी को लग गई। 

 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मालती देवी के निधन के बाद साधना ने मुलायम पर उन्हें अपनी आधिकारिक पत्नी घोषित करने का दबाव बनाया, लेकिन पारिवारिक खासकर अखिलेश यादव के चलते मुलायम इस रिश्ते को नाम देने से पीछे हट गए। 

 
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फाइल फोटो - फोटो : twitter@VinodSi41272815
नब्बे के दशक में जब मुलायम मुख्यमंत्री बने तो धीरे-धीरे बात फैलने लगी कि उनकी दो पत्नियां हैं लेकिन किसी की मुंह खोलने की हिम्मत ही नहीं पड़ती थी। इसके बाद 90 के दशक के अंतिम दौर में अखिलेश को साधना गुप्ता और प्रतीक गुप्ता के बारे में पता चला। कहते हैं कि उस समय मुलायम साधना गुप्ता की हर बात मानते थे। 

 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
1993-2007 के दौरान मुलायम के शासन में साधना गुप्ता ने अकूत संपत्ति बनाई। आय से अधिक संपत्ति का उनका केस आयकर विभाग के पास लंबित है। साल 2003 में अखिलेश की मां मालती देवी की बीमारी से निधन हो गया और मुलायम का सारा ध्यान साधना गुप्ता पर आ गया। हालांकि, मुलायम अब भी इस रिश्ते को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं थे। 

 

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मुलायम और साधना के संबंध की जानकारी मुलायम परिवार के अलावा अमर सिंह को थी। मालती देवी के निधन के बाद साधना चाहने लगी कि मुलायम उन्हें अपना आधिकारिक पत्नी मान लें, लेकिन पारिवारिक दबाव, खासकर अखिलेश यादव के चलते मुलायम इस रिश्ते को कोई नाम नहीं देना चहते थे।

 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
2006 में साधना अमर सिंह से मिलने लगीं और उनसे आग्रह करने लगीं कि वह नेताजी को मनाएं। अमर सिंह नेताजी को साधना गुप्ता और प्रतीक गुप्ता को अपनाने के लिए मनाने लगे। साल 2007 में अमर सिंह ने सार्वजनिक मंच से मुलायम से साधना को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का आग्रह किया और इस बार मुलायम उनकी बात मानने के लिए तैयार हो गए लेकिन अखिलेश इसके लिए कतई तैयार नहीं थे। 
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