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एंबुलेंस से उतर पैदल गया, फिर थानेदार से शुक्रिया दोस्त बोल वापस लौटा था मुख्तार अंसारी

Fri, 09 Apr 2021 11:46 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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एंबुलेंस से उतरता मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा जाने के दौरान मंगलवार की रात जिले के सट्टी थाने के बाहर मुख्तार अंसारी का काफिला रुका। बाकी गाड़ियां तो सड़क पर खड़ी रहीं एंबुलेंस सट्टी थाने के बरामदे तक पहुंची। एंबुलेंस से उतरकर बिना व्हील चेयर के मुख्तार शौचालय तक पहुंचा। वहां लघु शंका करने के बाद बरामदे में पड़ी कुर्सी पर करीब दस मिनट बैठा रहा।


 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
अफसरों का इशारा मिलते ही वह थानेदार से शुक्रिया दोस्त कहकर एंबुलेंस में सवार हो गया। मुख्तार अंसारी के बांदा जेल जाने के दौरान जिले में पुलिस अलर्ट थी। जैसे ही काफिला भोगनीपुर से घाटमपुर रोड पर मुड़ा तभी इस रूट के थानों को अलर्ट कर दिया गया। सट्टी के पास मुख्तार ने लघु शंका करने के लिए गाड़ी रोकने की बात कही। एंबुलेंस में मौजूद सुरक्षा कर्मियों को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।

 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
इसकी जानकारी पर सुरक्षा के मद्देनजर एसपी केशव कुमार चौधरी ने काफिला सट्टी थाने के बाहर रोकने को कहा। वहां बाकी गाड़ियां तो सड़क पर खड़ी रहीं। जिस एंबुलेंस में मुख्तार सवार था उसे थाने के अंदर भेजा गया। शौचालय से करीब 20 मीटर दूर एंबुलेंस खड़ी हो गई। मुख्तार एंबुलेंस से उतर कर शौचालय तक बिना व्हील चेयर के गया। लघु शंका करने के बाद आराम से निकल कर वह बरामदे में पड़ी कुर्सी पर बैठ गया।

 

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बांदा जेल में मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
करीब दस मिनट तक बैठा रहा। बरामदे में मुख्तार के साथ पंजाब से आए पुलिस जवान व सट्टी एसओ कपिल दुबे मौजूद थे। इस बीच बाहर से संकेत मिलते ही अफसर उसे गाड़ी में बैठाने के लिए आया। इशारा समझते ही वह खुद उठकर एंबुलेंस में जाकर बैठ गया। इस दौरान उसने एसओ से शुक्रिया दोस्त बोला। इसके बाद काफिला घाटमपुर होते हुए बांदा के लिए रवाना हो गया। एसओ कपिल दुबे ने बताया कि लघु शंका करने के बाद करीब दस मिनट मुख्तार थाने में बैठा था। 

 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
पांच मिनट में पूरी कर ली गई व्यवस्था 
जैसे ही मुख्तार अंसारी ने लघु शंका करने के लिए रुकने की बात कही तो अफसरों ने सट्टी थाने में गाड़ी रोकने का फैसला लिया। वहां तत्काल सट्टी एसओ को निर्देश दिए गए कि ऐसे शौचालय में उसे ले जाएं जहां अंदर से दरवाजा बंद करने के बाद भी आसानी से खोला जा सके। एसओ ने तत्काल ऐसे ही शौचालय में उसके जाने की व्यवस्था की। हर कदम पर पुलिस ने पूरे एहतियात बरते। 
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