यूपी के कानपुर में बिल्हौर से गुजरे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चढ़े साइकिल सवार मां-बेटे को फॉर्चूनर कार ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में साइकिल सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मां ने सीएचसी बिल्हौर में दम तोड़ दिया। हरदोई, उन्नाव और कानपुर नगर की जनपद सीमा होने के कारण हाइवे एंबुलेंस से मां-बेटे को सीएचसी बिल्हौर लाया गया। कोतवाली पुलिस ने टक्कर मारने वाली फॉर्चूनर कार को कब्जे में लेकर उसके चालक को हिरासत में लिया है। कार मैनपुरी जिले के भोगांव के एक जनप्रतिनिधि की बताई जा रही है।
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एक्सप्रेस वे पर दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई जिले के मल्लावां थाना क्षेत्र के बीचपुरवा शाहपुर पवार गांव निवासी सोनेलाल निषाद परिवार के साथ रहते हैं। शनिवार को सोनेलाल की पत्नी राधा उर्फ सोनकली (48) और पुत्र सतीश (18) साइकिल से बिल्हौर के अरौल कस्बा स्थित राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल में दवा लेेने के लिए आया था। दवा लेने के बाद मां-बेटे ने रक्षाबंधन पर्व के लिए खरीददारी भी की। दोनों फिर से साइकिल पर सवार होकर गांव लौटने लगे। एक्सप्रेस वे से सटा ही हरदोई जनपद का गांव होने के कारण दोनों हाईवे से जा रहे थे। शाम चार बजे मां-बेटे अरौल बहरमपुर गंगा पुल पर पहुंचे थे तभी फॉर्चूनर कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में सतीश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि राधा बुरी तरह घायल हो गई।
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Accident on Express Way
- फोटो : अमर उजाला
बिल्हौर कोतवाली इंसपेक्टर ज्ञान सिंह ने दोनों घायलों को सीएचसी बिल्हौर में भेजा, जहां डाक्टर ने सतीश को मृत घोषित कर दिया जबकि राधा की उपचार के दौरान मौत हो गई। इंसपेक्टर ने मृतकों से मिले अभिलेखों के अनुसार हरदोई पुलिस से संपर्क कर मामले की सूचना परिजनों को दी। वहीं, मृतकों के परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के जिस हिस्से में दुर्घटना हुई है वह तीन जनपदों की सीमाओं पर है। जबकि दुर्घटना करने वाली फॉर्चूनर कार के चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
एक्सप्रेस वे पर कैसे चढ़ गई साइकिल
फॉर्चूनर कार की चपेट में आई साइकिल आखिर एक्सप्रेस वे पर कैसे चढ़ गई, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए दोनों ओर टोल बैरीकेटिंग है, लेकिन इसके बाद भी साइकिल सवार सड़क पर कैसे चढ़ गया। यदि टोल बैरीकेटिंग के सुरक्षाकर्मी साइकिल सवार को रोक देते तो मां-बेटे की मौत न होती। लोगों के मुताबिक हरदोई जनपद के गंगा कटरी वाले करीब आधा दर्जन गांव के सैकड़ों ग्रामीण प्रतिदिन एक्सप्रेस वे से अरौल बाजार में खरीददारी करने के लिए आते हैं।