किशोरी से छेड़छाड़ और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में असरार अहमद से मारपीट में पकड़े गए तीनों आरोपियों में से एक आरोपी अमन गुप्ता बजरंग दल का सदस्य है। उसकी गिरफ्तारी से नाराज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने डीसीपी साउथ के कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में धर्मांतरण की धारा न लगाने पर बुधवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बर्रा के राम गोपाल चौराहे पर आरोपी पक्ष के युवक को घर से खींचकर चौराहे पर मारापीटा था। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। पुलिस ने देर रात पीड़ित अफसार अहमद की तहरीर पर पांच नामजद और आठ से दस अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन वीडियो में हंगामा करते और मारपीट करते दिख रहे बजरंग दल के कार्यकर्ता और वहां मौजूद विधायक पुत्र को क्लीन चिट दे दी। तनाव को देखते हुए भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है।
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मौके पर तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि 12 जुलाई को छेड़खानी के आरोपी की पत्नी ने पीड़ित परिवार पर मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने 31 जुलाई को तीनों भाइयों सद्दाम, सलमान व मुकुल के खिलाफ छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों ही मामले की जांच गुजैनी चौकी इंचार्ज को सौंपी गई थी।
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डीसीपी कार्यालय के बाहर तैनात फोर्स
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पीड़ित परिवार का आरोप था कि छेड़खानी के आरोपी उन्हें 20 हजार रुपये देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे थे। पुलिस ने मामले में न तो जबरन धर्म परिवर्तन की धारा लगाई और न ही पॉक्सो एक्ट। महज छेड़खानी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार परिवार को धमकी दे रहे थे।
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युवक को मारने पीटने का मामला
- फोटो : amar ujala
मामला संज्ञान में आने के बाद किदवईनगर विधान सभा के विधायक महेश त्रिवेदी के बेटे शुभम और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता बुधवार को राम गोपाल चौराहे पर पहुंचे। जहां पुलिस के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ता आरोपी के घर पहुंचे और परिवार के एक शख्स अफसार अहमद को पीटते हुए चौराहे पर ले आए।
तीन आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
पुलिस अफसार को छुड़ाकर थाने ले गई। देर रात पुलिस ने अफसार की तहरीर पर इलाके के रहने वाले अजय बैंड वाला, डॉन, केशू नेता, रमेश, रानी समेत आठ लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। वहीं पुलिस ने मामले में विधायक पुत्र और किसी भी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को आरोपी नहीं बनाया है।