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मनीष हत्याकांड: बेटा अभिराज बोला पापा कहते थे पायलट बनेगा या डॉक्टर...मैं बनूंगा पुलिस

Sat, 02 Oct 2021 02:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मनीष गुप्ता हत्याकांड: मां मीनाक्षी के साथ अभिराज - फोटो : amar ujala
गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता से जान गवां चुके मनीष गुप्ता का चार साल का बेटा बड़े होकर पुलिस बनना चाहता है। उसने तुतलाते हुए कहा कि उसके पापा कहते थे कि वह पायलट बनेगा या डॉक्टर, लेकिन अब वह बड़ा होकर पुलिस बनना चाहता है। पिता की मौत से अनजान अभिराज का कहना है कि उसके पिता लखनऊ हॉस्पिटल में हैं। जो अभी वापस नहीं आए हैं। वह आते वक्त ढेर सारा सामान लेकर आएंगे। अभिराज अक्सर अपनी मां से पापा के बारे में पूछता है तो वह कभी दिल्ली तो कभी लखनऊ में होने की बात कह टाल देती हैं। मासूम ने बताया कि उसके पापा बहुत प्यार करते हैं। ढेर सारा सामान लेकर आते हैं। पापा जाते वक्त कह गए थे कि वह जल्द ही आ जाएंगे, लेकिन नहीं आए। उनकी याद आ रही है। जब मासूम से पूछा गया कि आपके पापा क्या करते हैं तो उसने बताया कि वह सब कुछ करते हैं। मासूम की बातें सुनकर मीनाक्षी खुद को रोक नहीं पाईं और रोने लगीं।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला
अंगूठी और रुपये गायब करने का लगाया आरोप
मनीष गुप्ता हत्याकांड में शामिल पुलिस कर्मियों पर मीनाक्षी ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस कर्मियों ने पहले उनके पति की हत्या कर दी। इसके बाद तलाशी के नाम पर उनके ब्रीफकेस में रखे रुपये और एक सोने की अंगूठी भी गायब कर दी। जमा तलाशी में खानापूर्ति के नाम पर पुलिस ने महज उनका मोबाइल और ब्रीफकेस ही परिजनों को सौंपा है। पुलिस का दावा था कि उनके पास एक भी रुपये नहीं थे, जबकि शहर से बाहर जाते वक्त अक्सर अपने पास रुपये रखते थे। इसके साथ ही वह एक सोने की अंगूठी भी पहनते थे।

 
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कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पार्टियों की राजनीति से आहत मनीष का परिवार, एक दिन पहले सपा, अब कांग्रेस पर भड़कीं मीनाक्षी
हत्याकांड के बाद से मनीष के परिजनों से सहानुभूति जताने से ज्यादा राजनीति शुरू होने लगी है। जिसकी वजह से पिछले तीन दिनों से मनीष का परिवार काफी आहत है। शुक्रवार को एक बार फिर से इसी तरह की घटना हो गई। दरअसल मनीष के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के आने से पहले प्रदेश कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल अपने कुछ सहयोगियों के साथ वहां पहुंच गए। उस समय तक प्रकोष्ठ के चेयरमैन पवन गुप्ता भी नहीं पहुंचे थे।

 

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कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
प्रकोष्ठ के बाकी लोग सहानुभूति जताने के साथ इस घटना को राजनीति से जोड़कर बात करने लगे। एक ने कहा कि ऐसे मामलों में घर आकर मिलने से चुनाव में काफी फर्क पड़ता है। करीब एक लाख के वोट का हेरफेर हो जाता है। यह सुनते ही मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुस्से में आ गईं। कहने लगीं यहां राजनीति करने मत आइए। आप लोग वापस जाइए। एक दिन पहले भी मीनाक्षी कुछ सपाइयाें की राजनीति से काफी आहत दिखी थीं। जिस पर उन्हें चिल्लाकर कहना पड़ा था कि सपा वाले अब ठीक नहीं कर रहे हैं। 

 
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
मनीष की परिजनों को 30 लाख और मिले
मनीष गुप्ता के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए शासन ने शुक्रवार को 30 लाख रुपये का एक और चेक जारी कर दिया। देरशाम भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी, पुलिस कमिश्नर असीम अरुण और जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बर्रा तीन स्थित मनीष के घर पहुंचकर उनकी पत्नी मीनाक्षी को यह चेक सौंपा। गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीनाक्षी को 10 लाख रुपये का चेक दिया गया था। इस तरह शासन की तरफ से अब तक पीड़ित परिवार को कुल 40 रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
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