बिठूर में सीता रसोई
भगवान श्री राम ने जब अश्वमेघ यज्ञ कराया था, तो कोई भी राजा उनके घोड़े को नहीं पकड़ पाया था। वाल्मीकि रामायण में उल्लेख है कि जब वो घोड़ा बिठूर पहुंचा तो लव-कुश ने उसे बांध लिया था। जब राम भक्त हनुमान उस घोड़े को छुड़ाने आए तो लव-कुश ने उन्हें भी परास्त कर बंधक बना लिया। आज भी यहां पर वो स्थल बना हुआ है जहां भगवान हनुमान को कैद किया गया था। हनुमान को छुड़ाने आए लक्ष्मण को भी उन्होंने यहीं बंधक बना लिया था।
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