बिकरू कांड में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को जल्द ही पुलिस विभाग में नौकरी मिलेगी। शहीद दरोगा अनूप सिंह, सिपाही राहुल, सुल्तान की पत्नियों और बबलू के भाई ने मृतक आश्रित कोटे पर नौकरी के लिए आवेदन किया है।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
दस्तावेजों की जांच के बाद पिछले दिनों दो महिलाओं को दौड़ परीक्षा के लिए बुलाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने पर उन्होंने कुछ दिन की मोहलत मांगी है। बिकरू कांड में हुई मुठभेड़ में तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र कुमार मिश्रा, शिवराजपुर थानाप्रभारी महेश चंद्र यादव, मंधना चौकी इंचार्ज अनूप सिंह, दरोगा नेबूलाल और चार सिपाही राहुल, सुल्तान, बबलू कुमार और जितेंद्र शहीद हुए थे।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
उनके परिजनों ने मृतक आश्रित कोटे से पुलिस विभाग में नौकरी के लिए आवेदन किया था। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा अनूप सिंह की पत्नी नीतू, सिपाही राहुल की पत्नी दिव्या, सुल्तान की पत्नी उर्मिला और बबलू के भाई उमेश ने आवेदन किया है।
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विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
नीतू और दिव्या की दौड़ परीक्षा जल्द होगी। सुल्तान की पत्नी और बबलू के भाई के दस्तावेजों का वैरीफिकेशन चल रहा है। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
तीनों महिलाएं बनेंगी दरोगा, उमेश बनेगा सिपाही
दरोगा अनूप व सिपाहियों सुल्तान व राहुल की पत्नियां दरोगा बनेंगी। उन्होंने शैक्षिक योग्यता के आधार पर दरोगा पद के लिए ही आवेदन किया है, जबकि बबलू के भाई उमेश ने सिपाही पद के लिए आवेदन किया है। वहीं शहीद सीओ समेत चार अन्य शहीदों के आश्रितों ने विभाग से आवेदन को वक्त मांगा है। सीओ की बड़ी बेटी अभी बीएससी की पढ़ाई कर रही है। अन्य शहीदों के आश्रितों ने भी बच्चों की पढ़ाई पूरी होने तक समय मांगा है।