फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Murder Case: गोविंद की हत्या की असल वजह पता चलेगी जल्द, हत्यारोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट जाएगी पुलिस

Sat, 09 Jul 2022 11:30 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में हुए गोविंद हत्याकांड के हत्यारोपियों को रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को पुलिस कोर्ट जाएगी। दरअसल, आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।  पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद हत्या की असल वजह पता लगाएगी।
विज्ञापन
1 of 6
गोविंद हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में गोविंद हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को कोर्ट में अर्जी देगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद आरोपियों के निशानदेही पर  गोविंद का खोया हुआ मोबाइल, एटीएम बरामद किया जाएगा। इसके साथ ही हत्या की असल वजह भी पता कर सके । इधर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस हर पहलुओं पर डाला कलेक्ट करने में जुटी हुई है।

इंस्पेक्टर नवाबगंज आशीष द्विवेदी ने बताया कि गोविंद हत्याकांड के मामले में थाने में दर्ज गुमशुदगी को (302) हत्या, (396) हत्या केबाद डकैती, (412) डकैती का सामान रखने समेत अन्य धाराओं में तरमीम कर सभी छह आरोपियों को जेल भेज दिया है। इसके साथ ही हत्या के बाद लूट की अंगूठी और चेन की फोटोज विकासनगर स्थित मणप्प्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी से लेकर परिजनों से पहचान कर लिया गया है।

इसे जल्द ही परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। वहीं गोविंद का एटीएम, मोबाइल बरामद करने के सोमवार को आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के आरोपियों को रिमांड लेकर पूछताछ किया जाएगा। इससे जल्द ही पता चलेगा कि गोविंद की हत्या क्यों की गई।
विज्ञापन

2 of 6
गोविंद की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कड़ी सजा दिलाने के लिए जुटाए जा रहे साक्ष्य
थाना प्रभारी ने बताया कि हत्यारोपियों का कड़ी सजा दिलाने के लिए हर पहलुओं पर जांच कर साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। गोविंद के घर से लेकर जिन जिन रास्तों से कार निकली थी। जहां खड़ी की गई। घटनास्थल तक करीब 200 कैमरे खंगाले गए। जिन कैमरे में कैद हुए सभी को साक्ष्य के तौर पर रखा गया है। इसक ेसाथ ही सभी हत्यारोपियों की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट भी पुलिस केपास मौजूद है।
विज्ञापन

3 of 6
गोविंद की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विवेचना के दौरान बढ़ाई जाएगी धारा, दर्ज होगी एक और एफआईआर
थानाप्रभारी ने बताया कि परिजनों ने हत्यारोपियों  पर एससीएसटी की धारा बढाए जाने की मांग की थी। जिसे विवेचना के दौरान बढ़ा दिया जाएगा। वहीं फाइनेंस कंपनी की तरफ से भी हत्या के बाद डकैती का सोना गिरवी रख लोन लेने के मामले में आदित्य और सौरभ के खिलाफ अमानत में खयानत समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।  उनका कहना था कि दोनों डकैती सोना विकास नगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर 50 हजार को लोन लिए थे।

4 of 6
सीसीटीवी फुटेज देखती बहन - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर भाई के मांगी इंसाफ
गोविंद की बहन निशा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके भाई के लिये न्याय के लिए गुहार लगाई है। वीडियो में साफ तौर पर पुलिस के गुडवर्क पर सवालिया निशान लगाये हैं। वहीं पुलिस का दावा है कि सर्विलांस और वैज्ञानिक स्तर पर जो साक्ष्य जुटाये है। उससे आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत है।
विज्ञापन

5 of 6
शादी समारोह में शामिल गोविंद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बहन की शादी के सपने रह गए अधूरे
निशा की नवंबर माह में शादी तय है। जिसको लेकर गोविंद काफी उत्साहित था। वह शादी की तैयारियों में भी लगा था, मगर गोविंद का यह सपना अधूरा रह गया। निशा ने बताया कि वह शादी की तैयारियों को लेकर अक्सर आपस में बातचीत किया करते थे। वहीं इकलौते बेटे की मौत को मां की तबीयत बिगड़ गई है। जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
गोविंद की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने परिजनों को नहीं दिए इन सवालों के जवाब
  • यदि हत्या गुस्से में की गई तो उनके पास से तमंचा, कारतूस कैसे मिला।
  • यदि गुस्से में आकर उसे अचानक मारा होता तो शरीर पर इतनी चोटें ना आती।
  • जिसको जानते नहीं है उससे आखिर किस बात पर झगड़ा हुआ।
  • आखिरी कॉल गोविंद के नंबर पर किसकी आई थी, जिसके कहने पर गोविंद घर से निकला।
  • सभी हत्यारे उसके नौकर के थे परिचित, तो पुलिस उनसे क्यों नहीं कर रही पूछताछ।
  • जिनको जानते नहीं उनको अपनी गाड़ी में बैठाकर गोविंद क्यों घुमाएगा।
  • हत्या के छह दिन बाद भी पुलिस ने व्हाट्सएप कॉल डिटेल क्यों नहीं निकलवाई।
  • यदि नौकरों से गोविंद अच्छा व्यवहार नहीं करता था, तो उसके साथियों ने क्यों मारा। इससे साफ है कि कहीं न कहीं नौकरों का हाथ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें