भारी बारिश की चेतावनी के बीच अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि करीब 40 लोग लापता हो गए हैं। बादल फटने के बाद पहाड़ से आया सैलाब श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए तीन लंगरों समेत करीब 40 टेंट बहा ले गया। सैलाब गुफा के सामने श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए टेंटों के बीचों-बीच निकला। सेना, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ीं कई टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। बाढ़ की चपेट में आए शिविर के टेंटों से निकालकर लोगों को फौरन पहाड़ की ढलान तक सुरक्षित पहुंचाया गया। कई लोगों को बचाया गया है। घायलों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। हादसे के समय गुफा के पास करीब पांच हजार लोग मौजूद थे। यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है।
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अमरनाथ में फंसे कानपुर के यात्रियों ने सुनाई आपबीती
- फोटो : अमर उजाला
अमरनाथ में फंसे कानपुर के यात्रियों ने सुनाई आपबीती
शाम करीब 5:30 बजे का समय था, हम भंडारे की सेवा में लगे थे। बारिश होने लगी तो भंडारे की टेंट के नीचे शरण ली। तेज हवाओं और भयावह मौसम की वजह से अनहोनी होने की शंका बढ़ती जा रही थी। कुछ समझ पाते तब तक धम्म सी आवाज हुई, कान सुन्न पड़ गए। कुछ समझ नहीं आया।
बस जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। जब दम फूल गया और सुरक्षित जगह पाकर रुके तो आंखों के आगे केवल पानी ही पानी था। कई भंडारे पानी में बह गए थे। यह कहते ही गोविंद नगर, कच्ची बस्ती निवासी अमन का गला रुंध गया और बस इतना कह पाया कि तीन साथी भी नहीं मिल रहे हैं।
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद का मची तबाही
- फोटो : संवाद
बहुत अंधेरा है। यहां का मंजर बहुत डरावना है। इसके बाद फोन कट हो गया। यह आपबीती अमन ने सचिन दुआ को फोन पर बताई। अमरनाथ में बादल फटने की घटना के बाद से शहर में भी दहशत का माहौल है।
अमरनाथ दर्शन करने शहर गए कई यात्रियों और उनके परिवार बस परिवार सुरक्षित रहने की प्रार्थना कर रहे हैं। अमरनाथ दर्शन करके शुक्रवार को लौटे अमरनाथ सेवा मंडल के सदस्य और विद्यार्थी मार्केट व्यापार मंडल के अध्यक्ष सचिन दुआ ने बताया कि उनके मंडल के अमरनाथ में भंडारे चलते हैं।
कई भक्त भंडारे की सेवा के लिए जाते हैं। 21 लोगों का दल वहां गया था। उनकी दुकान में काम करने वाले अमन, नीरज, अंशु और उनके छह साथी भी दर्शन और भंडारे की सेवा के लिए गए थे।
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद बचाव दल
- फोटो : संवाद
नीरज, अमन और अंशु के तीन साथियों को पंजीकरण न होने की वजह से नीचे रोक दिया गया और शेष तीन साथी उनके साथ दर्शन के लिए पहुंचे थे। दो दिन से काफी बारिश हो रही थी। बुधवार को सचिन अमरनाथ से लौटें हैं। नीरज अमन, अंशु तो सुरक्षित है, लेकिन उनके तीन साथियों का पता नहीं चल रहा है।
अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद का मची तबाही
- फोटो : एएनआई
शाम सात बजे नीरज से बात हुई तो उसने बताया था कि करीब दो फुट मलबा जमा है और उसके नीचे कई लोग दबे हैं। अब (रात नौ बजे) नीरज का भी फोन बंद आ रहा है। रात होने से वहां काफी परेशानी होती है।