कानपुर के गुजैनी-सी ब्लॉक में सोमवार तड़के नशेबाज युवक ने अपने पिता के सिर पर लोहे की सरिया मारकर बेहोश कर दिया, फिर चाकू से गला रेत दिया। उसके बाद अपनी मां और नाना के सिर पर भी सरिया मारकर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देकर वह मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर करीब छह घंटे बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूली है। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण कर मौके से सरिया व चाकू बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जिसने जीवन बचाने की जद्दोजहद की, उसी की जिंदगी खत्म कर दी
वहीं, पूछताछ में सामने आया कि निखिल की नशेबाजी से पूरा परिवार परेशान था। सभी चाहते थे कि निखिल की नशेबाजी छूट जाए, जिसके उसके जीवन को बचाया जा सके, लेकिन क्या पता था कि जो उसे बचाने की जद्दोजहद में लगे थे, उन्हीं के लिए निखिल काल बन जाएगा।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए पिता को पहले मारा
पुलिस की जांच में सामने आया कि पिता जीत कुमार सबसे अधिक सख्ती निखिल पर करते थे। निखिल उनसे खुन्नस रखता था। पूछताछ में निखिल ने पुलिस को बताया कि इसी खुन्नस में उसने पहले पिता को ही मारा। वारदात के बाद आरोपी मोबाइल ऑन था। पुलिस ने आसानी से उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी बेटा
- फोटो : अमर उजाला
सपने में कोई आकर कहता था सबको मरना जरूरी है...
पुलिस की पूछताछ में निखिल ने बताया कि उसको डरावने सपने आते थे। सपने में कोई आकर उससे कहता था कि सबका मरना जरूरी है। तब से दिमाग में सनक चढ़ती गई, जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद निखिल तात्याटोपे नगर में नहर किनारे जाकर बैठा था। दो बार वह नहर में कूदा भी, लेकिन मरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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परिजनों से जानकारी करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
घायलों की हालत स्थिर
इंस्पेक्टर रोहित तिवारी ने बताया कि सुमन और रामभरोसे के सिर पर सरिया से हुए हमले की वजह से गंभीर चोट है। हैलट में दोनों का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है। घायलों के साथ ही निखिल के भाई अखिल के भी बयान दर्ज किए हैं। भाई की तहरीर पर निखिल के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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मृतक की फाइल फोटो व हत्यारोपी बेटा
- फोटो : अमर उजाला
सिर पर थे गहरे जख्म
पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि जीत कुमार के सिर पर तीन चार गहरे जख्म थे, जो लोहे की सरिया से वार कर किए गए थे। गला काटने से अधिक रक्तस्राव हुआ। इससे उनकी मौत हो गई।
हत्यारोपी निखिल व मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
निखिल झगड़ालू स्वभाव का था
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक निखिल बहुत झगड़ालू स्वभाव का था। वह जरा-जरा सी बातों पर लोगों से झगड़ा कर बैठता था। वहीं, छोटा भाई अखिल चंचल स्वभाव का था। जिस कारण क्षेत्र के लोग भी निखिल से कम बात करना पसंद करते थे।