फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस वे: प्रदर्शनी लगा जहां दिखाई थी हाईटेक हाईवे की तस्वीर, वहां धंसी; अंडरपास में भी दरार

Tue, 25 Aug 2026 03:31 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की रोजाना भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। लोकार्पण वाले स्थान पर भी धंस गया है। लखनऊ-कानपुर लेन पर रायबरेली हाईवे अंडरपास में भी दरार आई है। सड़क भी धंस गई है।
विज्ञापन
1 of 7
Kanpur-Lucknow Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
लोकार्पण के 13वें दिन से धंस रहा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे रोज कहीं-न-कहीं भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है। कहीं सड़क दरक रही है तो कहीं पर सड़क पटरी और किनारे की मिट्टी धंस जाती है। सोमवार को झाऊखेड़ा के पास बने उस रेस्ट एरिया की भी सर्विस रोड धंस गई जहां पर एनएचएआई ने 13 जुलाई को लोकार्पण के समय हाईटेक तकनीक वाले एक्सप्रेसवे की तस्वीरों और वीडियो की प्रदर्शनी लगाई थी। 

4200 करोड़ की लागत वाले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हालत खस्ता है। उन्नाव-लखनऊ के बीच 45 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड हिस्से में अब तक 2500 से अधिक पैचवर्क, 170 जगह पर 10 से 50 मीटर तक उखाड़कर सड़क को दोबारा बनाया गया है। वहीं दोनों तरफ 80 से अधिक स्थानों पर सड़क पटरी और किनारे की मिट्टी धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
Kanpur-Lucknow Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सोमवार को किलोमीटर संख्या 51.3 के सामने लखनऊ-कानपुर लेन पर झाऊखेड़ा गांव के पास बने रेस्ट एरिया की सर्विस रोड में 40 मीटर लंबी दरार आ गई। यह वही स्थान है जहां से 13 जुलाई को लोकार्पण के समय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अलावा तीनों जिलों के जनप्रतिनिधियों को एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को हाईटेक और विदेशी तकनीक से बनाने के दावे किए थे।
 
विज्ञापन

3 of 7
Kanpur-Lucknow Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
वहीं लखनऊ-कानपुर लेन पर ही किमी संख्या 52.5 से 52.6 के बीच बाबाखेड़ा में बने अंडरपास के पुल में गहरी दरार आ गई है, डिवाइडर भी चटकने से एक तरफ झुक गया है और वाहनों के आवागमन के साथ ही दरार और बढ़ रही है। 
 

4 of 7
Kanpur-Lucknow Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सड़क दबने से व्हील ट्रैक बने
कानपुर-लखनऊ लेन पर किमी संख्या 58 पर आड़ेरुवा गांव के पास सड़क दबने से व्हील ट्रैक बन गए हैं और सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से गिट्टी फैल गई है। किमी संख्या 48.9 पर एक्सप्रेसवे की साइड पटरी की मिट्टी करीब पांच मीटर धंस गई। इससे सड़क के भी टूटने का खतरा बढ़ गया है। 

 
विज्ञापन

5 of 7
Kanpur-Lucknow Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कानपुर-लखनऊ लेन पर किमी संख्या 53.6 पर बाबा खेड़ा के 30 मीटर सड़क खराब होने से यहां पर ट्रैफिक के एक लेन से डायवर्जन करके मरम्मत कराई जा रही है। कानपुर-लखनऊ पर बेथर टोल गेट की एग्जिट लेन पास सड़क की भारी वाहनों वाली लेन भी धंस गई है और दरार बन गई है। इसके अलावा दर्जनों स्थानों पर खामियां होने से वाहन सवारों का सफर मुश्किल हो रहा है।
 
विज्ञापन

6 of 7
Kanpur-Lucknow Expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एनएचएआई अबतक हासिल नहीं कर पाई जांच रिपोर्ट करोड़ों के एक्सप्रेसवे खस्ताहाल साबित होने के बाद भी एनएचएआई के अफसर, आईआईटी की तकनीकी जांच रिपोर्ट को जल्द से जल्द हासिल कर उसके अनुसार सुधार कराने पर गंभीर नहीं हैं। हालत यह है कि 15 दिन बाद भी रिपोर्ट न आने की बात कह रहे हैं। हालांकि अंदरखाने चर्चा है कि रिपोर्ट को जानबूझकर दबाया जा रहा है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
lucknow-kanpur expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बारिश की वजह से कुछ स्थानों पर मिट्टी बहने और दबने से सड़क को नुकसान हो रहा है। कोई भी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे हो पहली बारिश में इस तरह की समस्याएं आती ही हैं। जहां भी सड़क दबती है उसकी ऊपरी परत को उखाड़ कर कंक्रीट को ठीक से भरने और रोलर चलाने के बाद नई परत बिछाई जाती है। जहां मामूली कमियां हैं वहां पर ऊपर से ही पैचवर्क किया जाता है। सड़क पटरी और किनारे की मिट्टी धंसने की समस्या आई है उसे भी लगातार ठीक कराया जा रहा है। -सत्य नारायण मैनेजर पीएनसी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें