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kanpur encounter: बिकरू से महज पांच किमी. दूर दो दिन रुका कुख्यात विकास दुबे, पूरे प्रदेश में ढूंढती रही यूपी पुलिस

Thu, 09 Jul 2020 01:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कानपुर एनकाउंटर के बाद कुख्यात विकास दुबे को पकड़ने के पुलिस के दावे उस समय हवा हो गए जब गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि घटना के दो दिन बाद तक वो कानपुर में ही रुका रहा। कानपुर के बिकरू में हुए एनकाउंटर के मामले में बुधवार को गिरफ्तार हुए बदमाशों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद विकास दुबे व उसके दो साथी शिवली में एक दोस्त के घर छिपे रहे थे।
 

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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद ट्रकों के जरिये अलग-अलग शहर होते हुए हरियाणा के फरीदाबाद पहुंचे। आपको जानकर हैरानी होगी कि बिकरू गांव से शिवली की दूरी पांच किमी से भी कम है।साफ है कि वारदात के बाद कानपुर नगर और देहात पुलिस खाक छानती रही और खूंखार बदमाश उसकी नाक के नीचे से फरार हो गए। पुलिस की लापरवाही का खुलासा डीजी मुख्यालय से जारी प्रेस नोट में भी किया गया है।

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
वारदात के बाद विकास के साथी अलग-अलग रास्तों से फरार हुए। कोई बाइक तो कोई साइकिल से गया। विकास खुद साइकिल से खेतों के रास्ते शिवली पहुंचा था। उसके साथ अमर दुबे और कार्तिकेय भी थे। तीनों भागकर शिवली पहुंचे और दो दिन तक छिपे रहे। उसके बाद कार्तिकेय अलग व विकास-अमर एक साथ बाइक से लखनऊ की ओर रवाना हुए। 

 

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
आगे इन दोनों ने बाइक छोड़ दी। बाइक कहां है, इसकी जांच जारी है। आगे अमर और विकास ट्रक पकड़ कर हरियाणा पहुंचे। यहां पहले होटल और फिर बाद में अंकुर के घर को ठिकाना बनाया। हैरानी की बात ये है कि घटना के कुछ ही देर बाद पुलिस ने रेंज की सीमाएं सील कर दी थीं। जिला पुलिस उसके परिचितों व रिश्तेदारों के घर पर दबिश डाल रही थी तो सवाल है कि आखिर कानपुर देहात और नगर पुलिस शिवली में विकास को घेर क्यों नहीं सकी।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
बता दें कि गुरुवार की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए गई पुलिस पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। घटना के बाद डीजीपी ने यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर विकास को पकड़े के लिए सात हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को लगाया है।
 
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