कानपुर के बिकरू गांव में हुए कांड में पुलिस ने जिस आरोपी प्रभात मिश्र उर्फ कार्तिकेय को मुठभेड़ में मारा गिराया था, अब जांच में पता चला है कि वह नाबालिग था। उसकी उम्र 16 साल थी। एनकाउंटर से पहले फोन पर उसकी आखिरी बातचीत बहन से हुई थी। तब वह बोला था... नाम नहीं लूंगा.. जो भी हैं, जहां भी हैं, सब ठीक हैं। इसके बाद फोन कट गया था।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने फरीदाबाद से प्रभात, अंकित और श्रवण को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि लौटते समय पनकी क्षेत्र में गाड़ी पंचर हो गई थी। इसी दौरान प्रभात एक दरोगा की पिस्टल लूटकर भागने लगा था। पीछा करने पर पुलिस पर गोली चलाई थी। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया था। उसकी दसवीं की मार्कशीट और आधार कार्ड से पता चला है कि उसकी जन्मतिथि 27 मई 2004 है।
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प्रभात मिश्रा एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
पढ़ाई में अव्वल था प्रभात, कोई भी केस नहीं था
प्रभात मिश्र पढ़ाई में अव्वल था। हाईस्कूल में उसे एक ग्रेडिंग मिली थी। हिंदी में 82, अंग्रेजी में 83 नंबर थे। परिवार वालों ने बताया कि प्रत्येक कक्षा में उसके इसी तरह नंबर आए हैं। लोगों ने उसके व्यवहार की भी तारीफ की। जिसने प्रभात के वारदात में शामिल होने की सूचना सुनी वो दंग रह गया। प्रभात के ऊपर एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।
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प्रभात एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड की जांच रेलबाजार इंस्पेक्टर को मिली
बिकरू गांव में पुलिस पर हमला कर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के मामले की जांच एसएसपी दिनेश कुमार पी ने मंगलवार को बदल दी है। अब इसकी विवेचना रेलबाजार इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी करेंगे। अभी तक यह जांच नवाबगंज इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी के पास थी।
बिकरू गांव में हुए कांड में पुलिस ने हत्या, बवाल, हत्या का प्रयास, लूट समेत एक दर्जन धाराओं में केस दर्ज किया था। विवेचना इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी को दी गई थी। एसएसपी ने बताया कि विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान सड़क दुर्घटना में इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी घायल हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। दूसरी बात मुठभेड़ में पार्टी भी हैं। इसलिए उनसे विवेचना बदल दी गई है। इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी बुधवार को घटनास्थल पर जाएंगे।