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विकास दुबे पर एक लाख का इनाम, 59 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं, औरैया में मिली संदिग्ध कार से हड़कंप

Sun, 05 Jul 2020 05:14 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे - फोटो : amar ujala
कानपुर मुठभेड़ का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे पर पुलिस ने इनाम की रकम पचास हजार से बढ़ा कर एक लाख कर दी है। वहीं विकास के साथियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। इस बीच औरैया में एक संदिग्ध कार भी मिली है। जिसमें लखनऊ का नंबर पड़ा है। इस कार को भी कब्जे में लेकर पुलिस छानबीन कर रही है।



 
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विकास दुबे का पकड़ा गया साथी - फोटो : amar ujala
मुठभेड़ में शामिल विकास के गुर्गे श्यामू बाजपेई, छोटू शुक्ला, जेसीबी चालक मोनू, जहान यादव, दयाशंकर अग्निहोत्री, शशिकांत, पंडित शिव तिवारी, विष्णु पाल, राम सिंह, राम बाजपेई, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, गोपाल सैनी, वीरू भवन, शिवम दुबे, बालगोविंद और बउवा दुबे पर 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। 

 
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औरैया में मिली संदिग्ध कार - फोटो : amar ujala
औरैया में दिबियापुर रोड पर एक अज्ञात कार सड़क किनारे खड़ी मिलने पर मचा हड़कंप मचा हुआ है। इस कार को विकास दुबे से जोड़ कर पुलिस छानबीन कर रही है। प्रभारी कोतवाली इंस्पेक्टर सुशांत राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच जहां की गाड़ी में संघ परिवार लिखा हुआ है। वहीं पीछे अध्यक्ष भर्ती हिंदू संगठन लिखा हुआ है। गाड़ी के अंदर खून से सना कागज रखे होने पर मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन अमित कुमार दुबे के नाम से बताया जा रहा है।




 

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कार में खून से सना कागज और एक चप्पल - फोटो : amar ujala
कानपुर के बिकरू में दबिश देने गई पुलिस के साथ खून की होली खेलने के बाद फरार विकास दुबे अब एनकाउंटर के डर से कोर्ट में सरेंडर करने की बात भी सामने आई है। बदमाश की तलाश में जुटी पुलिस की 100 से अधिक टीमों ने रातभर कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, झांसी, उरई, बांदा, जालौन आदि जगहों पर दबिश दी, लेकिन 59 घंटे बाद भी विकास का कोई पता नहीं चल सका।

 
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साथियों के साथ मिलकर विकास ने आठ पुलिसकर्मियों की दी थी मौत - फोटो : amar ujala
पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार विकास पुलिस के एनकाउंटर करने के डर से पूर्व में दर्ज किसी मामले में सरेंडर करने की फिराक में है। वह घटना के बाद से अधिवक्ताओं से संपर्क करने में लग हुआ है जबकि, पुलिस उसे सरेंडर करने से पहले ही पकड़ने के लिए चप्पे चप्पे पर निगाह बनाए हुए है।
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