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कानपुर एनकाउंटर में रणनीतिक चूक, पुलिस टीम में न अनुभवी लड़ाके न एनकाउंटर के मास्टर

Sat, 04 Jul 2020 10:59 AM IST
शाहरुख खान सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में हुई वीभत्स घटना में पुलिस की कुछ रणनीतिक चूक भी सामने आ रही हैं। दबिश टीम में न अनुभवी लड़ाके थे और न ही एनकाउंटर के मास्टर। बिकरू और विकास के खूंखार आपराधिक इतिहास से भी पुलिस ने सबक नहीं लिया। इस रणनीतिक चूक से आठ पुलिसकर्मियों की जान चली गई। कई जिंदगी के लिए अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। 

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव में पुलिस की इंट्री कभी भी आसान नहीं रही। कई बार दबिश के दौरान पुलिस पर हमला हुआ, लेकिन इतनी गंभीर स्थिति कभी नहीं हुई। विकास दुबे पर 71 आपराधिक मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या के पांच केस हैं। शिवली थाने के अंदर घुसकर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की हत्या जैसा दुस्साहस वह कर चुका है। 
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव नहीं उसके लिए अभेद्य किला था जहां कोई घुसने की हिम्मत नहीं करता था। इसलिए साफ था कि दबिश भारी फोर्स के साथ रणनीति बनाकर देना बेहतर होता। मगर गुरुवार को ऐसा नहीं हुआ। पहले एफआईआर दर्ज की गई, फिर कुछ ही देर बाद आननफानन में विकास की गिरफ्तारी के लिए दबिश के लिए टीमें गांव पहुंच गईं। न फोर्स पर्याप्त था और न ही बदमाशों की ताकत का अंदाजा।  
 

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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
ये भी बड़ी वजह  
चौबेपुर, बिठूर के साथ ही शिवराजपुर के थानेदार नए थे। तीनों को पहली बार थाने का चार्ज मिला है। सभी पुलिसकर्मी विकास दुबे को जानते थे, लेकिन उनको उम्मीद नहीं थी कि वो इस तरह की वारदात को अंजाम दे डालेगा। उसको कम आंकना पुलिस के लिए सबसे बड़ी भूल रही है। जिन अफसरों ने गांव में दबिश देने की अनुमति दी, वो भी शायद बिकरू औप विकास के इतिहास से बावस्ता नहीं थे।
 
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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों का नहीं था इनपुट  
मामले में इंटेलीजेंस भी पूरी तरह फेल रहा। बदमाश गांव में असलहों का इतना बड़ा जखीरा लेकर बैठे थे, इसके बाद भी एलआईयू समेत अन्य खुफिया को जानकारी नहीं थी। पुलिस तो पूरी तरह से अनजान रही। एक बात तो साफ है कि इतना असलहा कुछ घंटों में जुटा लेना मुनासिब नहीं। उनकी तैयारी पहले से ही थी। एस-10 भी पुलिस को खास इनपुट तक नहीं सके। जबकि, इनकी जिम्मेदारी है कि अगर किसी तरह की साजिश या अपराधी गतिविधि हो रही है तो उसकी पुलिस-प्रशासन को जानकारी दें। यहां एस-10 भी फेल हो गया।
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