उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में देर रात कुख्यात बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। हालांकि शुक्रवार सुबह एक मुठभेड़ में पुलिस ने दो बदमाशों को मार गिराया है। इस घटना से प्रदेशभर में हड़कंप मच गया। एडीजी जय नारायण सिंह ने इसकी पुष्टि की है। कई सिपाहियों को बेहद गंभीर हालत में रीजेंसी भर्ती कराया गया है। पुलिस के आलाधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है।
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घटनास्थल पर पहुंचे एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार
- फोटो : amar ujala
घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर हिस्ट्री शीटर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं।
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आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद
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फिलहाल घटना के बाद पुलिस ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। गांव में आरएएफ तैनात कर दी गई है। वहीं, शुक्रवार सुबह चौबेपुर में बिकरू के जंगलों में छिपे दो बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। जवाबी कार्रवाई में पुलिस के दो जवान भी घायल हुए हैं। पुलिस अन्य बदमाशों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है।
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विकास दुबे ने पुलिस टीम पर किया हमला
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कौन है विकास दुबे
कुख्यात हिस्ट्रीशटर विकास दुबे के खिलाफ 60 मुकदमे दर्ज हैं। विकास वही है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी।
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मौके पर तैनात फोर्स
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एसटीएफ ने संतोष शुक्ला की थाने के अंदर हत्या करने के आरोपी विकास दुबे को 2017 में लखनऊ से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में विकास ने बताया था कि वर्ष 1996 में कानुपर की चौबेपुर विधानसभा क्षेत्र से हरिकृष्ण श्रीवास्तव व संतोष शुक्ला चुनाव लड़े थे।
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अस्पताल में लगी भीड़
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इस चुनाव में हरिकृष्ण श्रीवास्तव विजयी घोषित हुए थे। विजय जुलूस निकाले जाने के दौरान दोनों प्रत्याशियों के बीच गंभीर विवाद हो गया था। जिसमें विकास दुबे का नाम भी आया था और उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। यहीं से विकास की भाजपा नेता संतोष शुक्ला से रंजिश हो गई थी।
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घटना के बाद गांव में तैनात आरएएफ
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इसी रंजिश के चलते 11 नवंबर 2001 को विकास ने कानपुर के थाना शिवली के अंदर संतोष शुक्ला की गोली मारकर हत्या की थी। इसके अलावा, वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था।
इसी गांव पर पुलिस टीम पर हुआ हमला
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कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है।