घटनास्थल का निरीक्षण करते पुलिस अधिकारी
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जब से बहू के कदम पड़े, तब से खाने के लाले पड़ गए
बेटे और बहू का कत्ल करने वाला सनकी दीप वारदात को अंजाम देने के बाद भी बेफिक्र होकर घर पर ही रहा। जब पूछताछ हुई, तो उसने कहा कि जब से बहू के कदम उसके घर पर पड़े थे, तब से एक भी दिन सुकून से नहीं गुजरा। बीमारी में परिवार बर्बाद हो गया। हर दिन कलह और दिक्कतें बढ़ती गईं। इसलिए त्रस्त होकर हमने उनको मुक्त कर दिया। दीप ने कहा कि बहू जूली कहती थी उस पर आत्माओं का साया आता है। इसको लेकर तांत्रिकों से झाड़फूंक कराते थे, जिसमें काफी पैसा लग रहा था। शिवम जो कमाता था, वह अपनी पत्नी पर खर्च कर देता था। इससे आर्थिक दिक्कतें परिवार को घेरे हुईं थीं।