राधा नाम की गूंज, कृष्ण भजनों की स्वर लहरियां और हर-हर महादेव के जयघोष... मोतीझील लॉन-3 में रविवार की शाम भक्ति रस में डूबी नजर आई। दिल्ली से आईं भजन गायिका ट्विंकल शर्मा और उज्जैन के भजन गायक गजेंद्र प्रताप सिंह के भजनों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा।
श्री सांवलिया सेठ समिति, ब्राह्मण जागरूकता समिति और अमर उजाला के सहयोग से आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ ट्विंकल शर्मा ने राधा नाम संकीर्तन से किया। उन्होंने बरसाना की छोरी किशोरी और मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। गजेंद्र प्रताप सिंह ने जय-जय राधा रमण हरी बोल, श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी और शिव भजनों की सुमधुर प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। भजनों की प्रस्तुति और बारिश की हल्की फुहार के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस दौरान पूरा परिसर राधे-राधे और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।न
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मोतीझील में भजन संध्या का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
संगीत संयोजन में ड्रम पर तनमय शर्मा, कीबोर्ड पर शाश्वत और गिटार पर आकाश ने आकर्षक संगत दी। इस दौरान सांसद रमेश अवस्थी के पुत्र सचिन अवस्थी, अभिनव दीक्षित, ऋतुराज मिश्रा, अभय द्विवेदी, अर्पित त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। मंच संचालन अमित शर्मा ने किया।
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मोतीझील में भजन संध्या का आयोजन
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व्यंजनों का लुत्फ उठाया, मूर्तियां खरीदीं
भजन संध्या के साथ परिसर में लगे विभिन्न स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालुओं ने फास्ट फूड स्टॉल पर व्यंजनों का स्वाद लिया। ज्वेलरी, परिधानों और राधा-कृष्ण की मूर्तियों के स्टॉल पर जमकर खरीदारी की। इस दौरान रक्तदान शिविर भी लगाया गया। देर रात तक स्टॉलों पर लोगों की भीड़ लगी रही।
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मोतीझील में भजन संध्या का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
सांवलिया दरबार की छटा ने मोहा मन
चित्तौड़गढ़ से सजे-धजे स्वरूप में पहुंचा श्री सांवलिया का भव्य दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। दरबार को बंगलूरु से मंगाए गए भव्य गुलाब, ऑर्किड, रजनीगंधा और गेरबेरा के रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। दरबार के समक्ष श्रद्धालु देर तक नमन करते रहे और उसकी भव्यता को मोबाइल के कैमरों में कैद किया।
कानपुर के लोग बड़े दिलवाले : ट्विंकल शर्मा
दिल्ली से पहली बार कानपुर पहुंचीं भजन गायिका ट्विंकल शर्मा ने कहा कि कानपुर आकर उन्हें बेहद अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का अपनापन और प्रेम दिल छू लेने वाला है। कानपुर के खान-पान का स्वाद भी अलग है। यहां के लोग बड़े दिलवाले हैं जो कलाकारों का भरपूर सम्मान करते हैं।