ज्योति की हत्या में गुरुवार को ही पीयूष, मनीषा समेत छह लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया था। सभी को जेल भेज दिया गया था। सजा सुनने के लिए शुक्रवार को जेल से सभी छह दोषियों को कोर्ट लाया गया। आरोपियों में एक ओर जहां शहर ही नहीं देश-विदेश का ब्रांड बने पान मसाला कारोबारी की बेटी मनीषा थी तो दूसरी ओर बिस्कुट व्यापारी का बेटा पीयूष भी था।
दोषी करार दिए जाने के बाद अपनी गलती और परिवार की साख डुबोने का अहसास उन्हें हो चुका था। शायद इसीलिए दोनों सिर झुकाए शर्मसार दिखे लेकिन बाकी दोषियों के चेहरों पर कोई शिकन नहीं थी। लगा जैसे उन्हें अपने किए का पछतावा ही नहीं। जमानत न मिलने से रेनू, सोनू और अवधेश तो आठ साल से जेल में ही बंद हैं। इतना लंबा समय जेल में काटने से वह जेल के आदी हो चुके हैं और उनके हावभाव से लगा जैसे उन्हें इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि अब उन्हें उम्रभर जेल ही काटनी पड़ेगी।