हेलो...। गुड मार्निंग, नमस्कार...। मैं हूं आरजे ... और मैं आपको सुनवाने जा रहा हूं ये गाने। अपनी बक-बक, अंदाज और हाजिर जवाबी से लोगों का दिल जीतने वाले रेडियो स्टेशन के आरजे शहरियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुके हैं।
आरजे (रेडियो जॉकी) पूरब का अंदाज हो या चारू का बेबाकीपन, जावेद-मैंडी का कनपुरिया टच हो या सुगंधा की मीठी आवाज। शहरी इनकी बक-बक सुनने के लिए सुबह से ही रेडियो पर कान लगाकर बैठ जाते हैं। सवाल यह भी उठता है कि इन लोगों में इतनी बक-बक आती कहां से है? शो में बोलने के लिए कितनी मेहनत करते हैं?
लोगों के इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए अमर उजाला ने कुछ आरजे से की बातचीत...